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1090 विमेन पावर लाइन: अब गंभीर मामलों में पीड़िता का केस दर्ज कराने तक साथ रहेगी पुलिस

Sun, 08 Mar 2020 05:52 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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एडीजी अंजू गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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मामला चाहे साइबर बुलिंग का या फोन करके परेशान करने का, हफ्ते में सातों दिन 24 घंटे में किसी भी वक्त महिला फोन करके अपनी-अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। इन दोनों ही तरह की शिकायतों का समाधान 1090 अपने ही स्तर पर करती है। शिकायतों को फिल्टर करने के बाद पुलिस, 112 या जीआरपी से जुड़े मामलों को उन्हें सौंप दिया जाता है।

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दिसंबर 2019 से विमेन पावर लाइन ने गंभीर अपराधों जैसे दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण, दुष्कर्म के बाद हत्या, दहेज हत्या, पॉक्सो एक्ट के मामले व एसिड अटैक जैसे मामलों में मॉनिटरिंग शुरू की है।

इसके तहत जब तक पीड़िता का केस दर्ज नहीं हो जाता, तब तक उसके साथ रहती है। इसके तहत पहली सूचना डीसीआर को दी जाती है। फिर थाने को और फिर सर्किल अफसर को। इसके बाद जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती तब तक फॉलोअप जारी रहता है।

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ऐसे मिली मदद और हुई कार्रवाई

साइबर बुलिंग की शिकार लड़की को मिली राहत
केस 1: 6 जनवरी 2020 को कानपुर देहात की एक लड़की ने फोन कर बताया उसका फर्जी अकाउंट बनाया गया है। 1090 ने अकाउंट का स्क्रीन शॉट, आईडी मांगी, साइबर सेल को सूचना दी गई। फेसबुक को लिखा और अकाउंट बंद करने को कहा गया। वैसे फेसबुक द्वारा 45 दिन का समय तय है, लेकिन इससे पहले ही अकाउंट बंद हो जाता है।

केस 2: फोन पर कर रहा था परेशान, काउंसलिंग से बदली सोच
फरवरी 2020 में प्रयागराज से पीड़िता ने शिकायत की थी कि उसे कोई फोन पर परेशान कर रहा है। पीड़िता द्वारा दिए गए नंबर पर कॉल किया गया। फोन नहीं उठा तो एक-एक घंटे पर कॉल की गई। फोन उठा, काउंसलिंग की गई, 24 घंटे की चेतावनी देकर दबाव बनाया। अंतत: युवक मान गया।

जनवरी 2018 से फरवरी 2020 तक 1090 द्वारा हल किए गए मामले

- 2018 में
- 17, 53, 966 फोन आए
- 1,79,988 फोन बुलिंग और 17,056 मामले साइबर बुलिंग के थे
99 प्रतिशत शिकायतों का समाधान हुआ

- 2019 में
- 31, 01,051 फोन कॉल आईं
- 1,62, 959 फोन बुलिंग
- 34,792 साइबर बुलिंग मामलों का समाधान हुआ

काउंसलिंग से नहीं मानते आरोपी तो दर्ज होता है केस
पहले आरोपी को समझाने की कोशिश की जाती है। फोन पर काउंसलिंग होती है, जरूरत पड़ने पर बुलाया जाता है, फिर भी न मानने पर 24 घंटे की चेतावनी दी जाती हैं। नहीं माना तो अंतत: केस दर्ज करा दिया जाता है।

गुलाबी रंग का उत्साह
महिला दिवस की पूर्व संध्या पर वीमेन्स आर्मी की सदस्यों रश्मि सिंह, ओम सिंह, उषाकिरन, एकता खत्री, मृणालिनी शाही, रानु सिंह और रुचि रस्तोगी ने जताया समानता के अधिकार को लेकर जागरूकता के प्रचार-प्रसार का संकल्प।
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पीड़िता को न भटकना पड़े, उसकी सुनवाई हो और न्याय मिले

1090 विमेन पावर लाइन की एडीजी अंजू गुप्ता का कहना है कि महिला अपराध के प्रति बढ़ती चिंता को देखते हुए केस दर्ज होने तक मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। गंभीर मामलों में हमारे पास आने वाली शिकायतों को ट्रांसफर करने के साथ ही हम उनके खिलाफ केस दर्ज करने तक लगातार फॉलोअप लेते हैं। हम चाहते हैं कि पीड़िता की बात सुनी जाए, उसकी शिकायत दर्ज की जाए। हमें 270 शिकायतें प्राप्त हुईं थीं। मॉनिटरिंग का नतीजा यह रहा कि 132 मामलों में रिपोर्ट दर्ज हुई। 98 शिकायतें झूठ पाईं गईं और 40 मामलों में हल्की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
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