लखनऊ के विभूतिखंड व हजरतगंज थाने में दर्ज ठगी के मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी व उनकी मां सुनंदा शेट्टी को पुलिस ने राहत दे दी है। उनपर लगे आरोपों का जवाब पुलिस के नोटिस के बाद वकील के जरिये दे दिया गया है। जबकि इस मामले में शिल्पा की पूर्व मैनेजर किरण बाबा सहित आठ लोग पुलिस की कार्रवाई की जद में आ गए हैं। उनके खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।
विभूतिखंड निवासी ज्योत्सना ने शिल्पा शेट्टी की कंपनी आयोसिस वेलनेस सेंटर की फ्रेचांइजी देने के नाम पर ठगी और पूरी रकम लेने के बाद घटिया सामान आपूर्ति का आरोप लगाकर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में शिल्पा शेट्टी ने पीड़ित महिला के फ्रेचांइजी लेने से पहले ही कंपनी छोड़ देने के साक्ष्य पुलिस को दिए हैं।
इसके आधार पर पुलिस ने उनका नाम केस से हटा दिया है। हालांकि कंपनी की डायरेक्टर व शिल्पा की सहयोगी रहीं किरण बाबा को अभी क्लीन चिट नहीं दी है। पुलिस ने इस केस में कंपनी से जुड़े आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है। जल्द ही पुलिस टीम दोबारा किरण बाबा को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ बुला सकती है।
पुलिस ने केस दर्ज होने के बाद 11 अगस्त को बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और किरण बाबा को मुंबई जाकर घर में नोटिस दिया था। साथ ही कंपनी के आरोपी विनय भसीन, अनामिका चतुर्वेदी, ईशरफील धरमजवाला, आशा और पूनम झा से पूछताछ की थी।
शिल्पा की पूर्व मैनेजर समेत सात के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन के मुताबिक, शिल्पा शेट्टी व उनकी मां सुनंदा शेट्टी के ठगी से पहले कंपनी छोड़ने के कारण केस से उनका नाम हटा दिया गया है। जबकि अन्य आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है। विवेचना चिनहट के बीबीडी चौकी प्रभारी अजय शुक्ला कर रहे हैं।
अजय के मुताबिक, साक्ष्यों के आधार पर कंपनी से जुड़े विनय भसीन, दर्शन, अनामिका चतुर्वेदी, पूनम कुमारी झा, ईशरफील धरमजवाला, आशा शेट्टी और नवनीत सुजलाना के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। किरण बाबा के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। उन्हें दोबारा नोटिस दिया जाएगा। उनको लखनऊ बुलाया जा सकता है। साक्ष्य न दे पाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिल्पा ने दिया जवाब, 2017 में ही छोड़ दी थी कंपनी
विवेचक अजय शुक्ल के मुताबिक, सितंबर के पहले सप्ताह में शिल्पा व उनकी मां की तरफ से वकील के माध्यम से जवाब आया था जिसमें उन्होंने कंपनी के 2017 के अंत में ही छोड़ देने की बात कही थी। इसके साक्ष्य भी उन्होंने प्रस्तुत किए थे। इस आधार पर उन्हें मुकदमे से संदिग्ध लोगों की लिस्ट से हटा दिया गया।