सिपाही सीधी भर्ती का पेपरलीक होने के मामले की जांच कर रही एसटीएफ और ईडी को कार्यदायी संस्था के चयन से जुड़ी निविदा के दस्तावेज सौंप दिए गए हैं। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। निविदा प्रपत्रों की गहनता से जांच के बाद दोनों एजेंसियां कुछ अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब कर सकती हैं।
बता दें, सिपाही भर्ती परीक्षा का काम गुजरात की कंपनी एजूटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। बीते वर्ष फरवरी में हुई परीक्षा का पेपरलीक होने के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। प्रकरण की जांच का जिम्मा एसटीएफ को सौंपा गया था, जिसने मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा और रवि अत्रि समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ईडी ने भी केस दर्ज कर जांच शुरू की थी और तीन आरोपियों की संपत्तियों को जब्त किया था।
दाेनों एजेंसियों की जांच का दायरा भर्ती बोर्ड की ओर बढ़ने पर निविदा से जुड़े दस्तावेज तलब किए गए थे, ताकि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चिह्नित किया जा सके। साथ ही यह पता लगाया जा सके कि एजूटेस्ट को काम देने के लिए मनमाफिक शर्तें तो नहीं शामिल की गई थीं। एसटीएफ और ईडी एजूटेस्ट के संचालक विनीत आर्या से पूछताछ कर चुके हैं, हालांकि अभी पूरा बयान दर्ज नहीं किया गया है।