लखनऊ। जमीन के नाम पर 70 से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी और बैंक को 107 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले मुख्तार अंसारी के करीबी शकील हैदर पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी पुलिस कर चुकी है। इस मामले में सभी जरूरी दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। वहीं आरोपी शकील के खिलाफ वजीरगंज थाने में ही डीसीपी के आदेश पर चार केस दर्ज हुए हैं। वहीं शकील को दबोचने के लिए वजीरगंज पुलिस ने उसके कई ठिकानों पर दबिश दी है लेकिन सफलता नहीं मिली।
बसपा के मऊ से विधायक व बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी का लखनऊ में खास गुर्गा मो. शकील हैदर ने 70 से अधिक लोगों की जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर 30 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की है। उसने इन जमीनों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से लोन कराया जिसकी जानकारी असली जमीन के मालिक को नहीं हो सकी। जब इसका खुलासा हुआ तो पीड़ितों ने पुलिस से गुहार लगाई। जांच में सामने आया है कि बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा किया गया।
शकील ने तत्कालीन यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक) की अमीनाबाद शाखा से 107 करोड़ रुपये का लोन कराया था। यह रकम उसके कंपनी के खाते में आने के बाद हड़प कर ली गई। एक भी किस्त जमा नहीं की। जब इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई तो पुलिस ने जांच शुरू की। वहीं इसके अलावा बैंक के उच्चाधिकारियों ने विभागीय जांच शुरू करा दी है जिसमें पता चला है कि बंधक रखे गए रजिस्ट्री के पेपर फर्जी तरीके से बनाए गए थे। इसमें कई बैंक अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं।
एडीसीपी पश्चिम राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक ,शकील के खिलाफ लखनऊ के कई थानों में केस हैं जिनकी डिटेल मंगाई गई है। चार्जशीट लगने व अन्य कानूनी औपचारिकता पूरी होते ही गैंगस्टर लगाने की संस्तुति कर दी जाएगी। प्रभारी निरीक्षक वजीरगंज धनंजय पांडेय के मुताबिक, शकील की तलाश में हुसैनाबाद व दुबग्गा में दबिश दी गई है। उसके शीशमहल आवास पर भी पुलिस गई थी लेकिन वह हाथ नहीं लगा। आसपास के लोगों ने बताया कि देर रात शकील को देखा गया था। वहीं पुलिस ने शकील के मोबाइल को सर्विलांस पर लगा दिया है लेकिन उसका मोबाइल बंद है।