पुलिस महकमे में जहां छुट्टी को लेकर पूरे साल खींचतान चलती रहती है, वहीं एक पुलिसकर्मी ऐसा भी है जिसने दस साल ठेके पर काम और 26 साल की नौकरी में न तो एक भी दिन छुट्टी ली और न ही आराम फरमाने के लिए अफसर की इजाजत ली। खुद की शादी और पिता के अंतिम संस्कार में भी काम बंद नहीं किया।
गिनीज बुक ऑफ द वर्ल्ड में नाम दर्ज कराने की तमन्ना में पुलिस फोटोग्राफर अमिताभ सिंह हर दम ड्यूटी पर मुस्तैद रहते हैं। बगैर छुट्टी के नौकरी पूरी करने का संकल्प लिए अमिताभ ने 36 साल में 20 हजार से अधिक शवों के पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी और 1.50 लाख अज्ञात शवों की फोटोग्राफी की और उनकी गवाही ने कई अपराधियों को उम्रकैद तक की सजा दिलाई।
57 वर्षीय अमिताभ ने वर्ष 1984 में पुलिस महकमे में ठेके पर फोटोग्राफी शुरू की थी। वक्त गुजरने के साथ वह पुलिस के कार्य में रमते चले गए। ठेके पर काम के दौरान रोजाना ड्यूटी पर मुस्तैद रहने की लगन से प्रभावित होकर तत्कालीन एसएसपी शैलजा कांत मिश्र ने 4 जून 1992 को उन्हें महकमे में नियुक्त कर दिया। इसके साथ ही अमिताभ ने बगैर छुट्टी के पूरी नौकरी का संकल्प ले डाला।
उनकी तमन्ना लगातार ड्यूटी पर मुस्तैद रहने का रिकॉर्ड बनाकर गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने की है। अमिताभ बताते हैं कि ठेके पर पुलिस फोटोग्राफी के दौरान 12 अक्तूबर 1990 को पिता पूरन की मृत्यु के समय भी वह एक घटनास्थल पर फोटो खींच रहे थे। वहीं से घर जाकर पिता का पार्थिव शरीर भैंसा कुंड ले गए। त्येष्टि की और फिर दूसरी वारदात का फोटो खींचने के लिए रवाना हो गए।