अक्तूबर से शुरू पायलट प्रोजेक्ट के सार्थक परिणाम सामने आए। नोएडा के एक सिपाही के इलाज का खर्च निजी अस्पताल में 80 हजार रुपये था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत उक्त सिपाही का इलाज 24 हजार में हो गया। इस 24 हजार रुपये की प्रतिपूर्ति भी विभाग की ओर से कर दी गई।
इसी तरह जो एमआरआई जांच निजी पैथोलॉजी में आम लोगों के लिए छह से सात हजार रुपये में होती है, वही जांच पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों के लिए 2000 से 2400 रुपये तक में उपलब्ध है। अन्य जांच की दरों में भी काफी अंतर है।
लखनऊ समेत इन जिलों से हुई थी शुरुआत
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर, आगरा और बरेली।