यूपी 112 के सहारे हर दिन 1300 महिलाओं तक पुलिस मदद के लिए पहुंच रही है। यूपी 112 के एडीजी असीम अरुण ने बताया कि हर दिन महिलाओं से संबंधित औसतन 1300 फोन कॉल आती हैं जिस पर त्वरित मदद पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि अगर कोई महिला बार-बार घरेलू हिंसा का शिकार है तो वह 112 पर कॉल करके अपना रजिस्ट्रेशन करा सकती है। रजिस्ट्रेशन में महिला का नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज किया जाता है।
पंजीकरण के बाद महिला पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मी संबंधित महिला को उसके अधिकारों के बारे में घर पर जाकर बताएंगे। प्रताड़ित करने वाले को पुलिस सचेत करेगी। इसके बाद भी उत्पीड़न होता है तो पुलिस कार्रवाई भी करेगी। जिन महिलाओं का रजिस्ट्रेशन यूपी 112 में हो चुका है उन्हें बार-बार अपना नाम-पता बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी।