पिकअप भवन के अंदर का दृश्य।
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पिकप भवन में हुए अग्निकांड में पुलिस कर्मचारियों की कुंडली तैयार कर रही है। एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, तीन दिनों में पिकअप भवन में तैनात अधिकारी, कर्मचारी व सुरक्षाकर्मिर्यों समेत 30 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। रविवार को गुजरात की फोरेंसिक टीम ने भी पिकप भवन की पहली मंजिल पर सुरक्षाकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ की।
इनमें नाइट शिफ्ट के सुपरवाइजर बीआर सिंह, सुपरवाइजर एके त्रिवेदी, आरसी यादव, जीतेश सिंह, लालमणि, सुमित कुमार, राजेंद्र प्रसाद यादव, सुच्चाराम, नारायण पुरी, मनोज गुप्ता और एनके सिंह हैं। सफाई कर्मचारियों व सुपरवाइजरों में शुभम व विजय, मेंटेनेंस सुपरवाइजर बृजभूषण से भी पूछताछ की गई।
फोरेंसिक टीम दोपहर करीब 12.48 बजे पिकप भवन पहुंची। इसके कुछ देर बाद ही आईजी एसके भगत व एसएसपी कलानिधि नैथानी पहुंच गए। यहां तीन थानों की पुलिस तैनात की गई थी। घटना स्थल पर जांच दल, आईजी व एसएसपी के अलावा अन्य किसी को प्रवेश नहीं दिया गया।
करीब डेढ़ घंटे बाद आईजी एसके भगत व एसएसपी कलानिधि नैथानी पिकप भवन से निकल गए। टीम करीब पांच बजे विभूतिखंड थाने पहुंची और यहां विशेष टीम और स्थानीय फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट की पड़ताल की।
विभूतिखंड थानाक्षेत्र के पिकप भवन में बुधवार शाम 7.15 बजे लगी आग से दूसरी और तीसरी मंजिल पर प्रादेशिक औद्योगिक विकास विभाग के मुख्य व वित्त एवं लेखा विभाग के महत्वपूर्ण दस्तावेज राख हो गये थे। शुरुआत में आग शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका जाहिर की गई थी।
मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष टीम ने 48 घंटे में रिपोर्ट शासन को दी थी। इसी के आधार पर शनिवार को अज्ञात के खिलाफ विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले की जांच अतिरिक्त निरीक्षक अपराध रमेश पांडेय कर रहे हैं।