मुन्ना बजरंगी (फाइल फोटो।)
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को जानकारी मिली है कि नौ जुलाई को मुन्ना की हत्या के दौरान कुछ और लोग भी वहां मौजूद थे। उनकी तलाश की जा रही है। वहीं, मुन्ना की हत्या किस साजिश के तहत की गई, इसके बारे में पुलिस सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी के तमाम कनेक्शन खंगाल रही है। इसके तहत पूरब से पश्चिम तक के माफियाओं की सूची बनाकर उसका विश्लेषण किया जा रहा है कि कौन पहले किसके साथ था और अब किसके साथ है। यही नहीं, साथ छोड़ने की वजह का भी पता किया जा रहा है। इसमें एक नाम सामने आ रहा है, जो काफी समय तक मुन्ना के लिए काम करता रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच खटास पैदा होने पर वह अलग हो गया था।
पुलिस की जांच रफ्तार को देखते हुए आशंका व्यक्त की जा रही है कि पुष्पजीत व तारिक हत्याकांड की तरह ही मुन्ना बजरंगी की हत्या के कारणों का राजफाश ही न हो। बता दें, पुष्पजीत मुन्ना बजरंगी का साला और तारिक उसका साथी था। 05 मार्च 2016 में पुष्पजीत की और 01 दिसंबर 2017 को तारिक की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।
मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में पुलिस की जांच ने तेजी पकड़ ली है। बागपत पुलिस की ही पांच टीमें संदिग्धों से पूछताछ और जांच में जुटी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो 17 संदिग्ध लोगों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। एसटीएफ ने उत्तराखंड से एक युवक को हिरासत में लिया है। सर्विलांस के सहारे पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इनकी जांच की जा रही है। यूपी पुलिस के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली पुलिस भी मुन्ना बजरंगी की हत्या की जांच में मदद कर रही है। एसपी जयप्रकाश का कहना है कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।
मुन्ना बजरंगी (फाइल फोटो।)
- फोटो : अमर उजाला
बागपत जेल से मुन्ना बजरंगी के हत्यारोपी सुनील राठी के सेंट्रल जेल फतेहगढ़ आने के 20 मिनट पहले शनिवार को नए जेलर प्रमोद कुमार सिंह ने कार्यभार संभाला। उन्होंने राठी के जेल में आते ही उसके कपड़े उतरवाए और जेल के कपड़े दिए। सुरक्षा के लिए गेट पर थानों की पुलिस और नगर मजिस्ट्रेट सुरक्षा में तैनात रहे। प्रभारी अधीक्षक ने रविवार को सेंट्रल जेल की सुरक्षा का जायजा लिया। जेल में आने के बाद सुनील राठी को 27314 नंबर दिया गया। सुनील राठी को इस नंबर से जेल प्रशासन बुलाएगा।