लाल रंग की कार की पिछली सीट पर खून के निशान मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जवाबी गोलीबारी में एक गोली शूटर को भी लग गई थी। घायल शूटर को कार में बैठाया गया था, जिससे सीट पर खून फैल गया। हालांकि, कार में फैला खून धोने की कोशिश की गई थी। फॉरेंसिक टीम ने खून के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं।
महाराष्ट्र के कारोबारी की है कार, दो साल से चला रहे थे पकड़े गए युवक
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लाल रंग की कार महाराष्ट्र के एक कारोबारी की है। कार पकड़े गए युवकों के पास दो साल से थी। कारोबारी से युवकों का क्या संबंध है? कार युवकों के पास कैसे आई? कार और उसे चलाने वाले युवकों का अजीत हत्याकांड से क्या लेना-देना है? इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
चारों शूटर आजमगढ़ के, पुलिस को मिले नाम-पते
पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने बताया कि अजीत सिंह की हत्या करने वाले चारों शूटर आजमगढ़ के ही हैं। शुक्रवार को कई लोगों से पूछताछ में इसकी पुष्टि हो गई है। शूटरों के नाम और पते भी पुलिस को मिल गए हैं। उनकी तलाश में कई जनपदों में पुलिस की टीमें रवाना की गई हैं।
पुलिस ने गोलीबारी के दौरान अजीत की कार में बैठी उसकी दोस्त से भी लंबी पूछताछ की है। अधिकारियों ने बताया कि अजीत अपने साथी मोहर सिंह और महिला मित्र के साथ चिकन लेने आया था। महिला मित्र ने उससे हुक्का का फ्लेवर मंगाया। वह विभिन्न फ्लेवर लेकर मोहर के साथ पैदल कार की तरफ जा रहा था तभी शूटरों ने घेरकर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां चलती देखकर कार में बैठी अजीत की महिला मित्र नीचे झुक गई थी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि अजीत के सड़क पर गिरने के बाद मोहर सिंह कार के पास आया और उसे नीचे उतारकर भाग जाने को कहा। उसने किसी भी शूटर का चेहरा देखने की बात से इनकार किया है।
कार की चाबी साथ ले गई थी महिला मित्र
अजीत की महिला मित्र ने बताया कि वह अपने साथ कार की चाबी ले गई थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार लॉक थी। कार के भीतर चार मोबाइल फोन थे जो लगातार बज रहे थे। पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए।
थाना के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में घूमते रहे शूटर, पुलिस रही बेखबर
अजीत सिंह की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या के बाद करीब 42 घंटे तक शूटर विभूतिखंड थाना के लगभग डेढ़ किलोमीटर दायरे में ही घूमते रहे और पुलिस बेखबर रही। इस दौरान शूटर अपनी बाइक से कठौता स्थित घटनास्थल से पुलिस के कई चेकिंग पॉइंट्स पार करते हुए कमता स्थित अवध बस अड्डा पहुंचे और वहां दोनों बाइक खड़ी करके लाल रंग की डस्टर कार से फिर थाना से चंद कदम दूर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सामने रोहतास प्लूमेरिया अपार्टमेंट आ गए। हत्यारों की करीब डेढ़ किलोमीटर की इस बेखौफ आवाजाही ने पुलिस इंतजाम को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।