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लखनऊ गैंगवारः अपार्टमेंट में खड़ी मिली शूटर को लेकर भागी कार, चालक समेत दो हिरासत में

Fri, 08 Jan 2021 12:31 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अजीत सिंह (बायें) व घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala
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लखनऊ में कठौता चौराहा पर बुधवार रात मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की हत्या के बाद शूटर जिस लाल रंग की कार से भागे थे, वह शुक्रवार सुबह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सामने स्थित रोहतास प्लूमेरिया अपार्टमेंट की पार्किंग में खड़ी मिल गई।

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पुलिस ने अपार्टमेंट से ही दो लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए लोगों ने हत्या और शूटरों से कोई भी संबंध न होने की जानकारी देते हुए कहा कि वह बुधवार को वारदात वाले दिन आजमगढ़ से दो अन्य लोगों को लखनऊ लेकर आए थे और उन्हें अपार्टमेंट के बाहर ही छोड़ दिया था। रात को दोनों को अवध बस अड्डे से लेकर अपार्टमेंट के पास ही एक अन्य अपार्टमेंट के सामने छोड़ दिया। पुलिस पकड़े गए लोगों से पूछताछ में वारदात और हत्याकांड में शामिल लोगों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
   
पकड़े गए लोगों ने बताया कि रोहतास प्लूमेरिया अपार्टमेंट में उनका एक परिचित रहता है। बीते तीन-चार साल में वह कई बार लखनऊ आए और अपार्टमेंट में ही परिचित के फ्लैट पर ठहरे। बुधवार को वह आजमगढ़ से दो लोगों को लखनऊ लेकर आए थे। दोनों अपार्टमेंट के बाहर उतरकर भीतर चले गए जबकि साथ आए दो व्यक्ति कार लेकर कठौता की तरफ चले गए थे। रात को दोनों ने अपार्टमेंट आकर कार खड़ी कर दी। हालांकि, पुलिस उनकी बातों का यकीन नहीं कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि दोनों शूटर के ही साथी हैं। उनके साथ आए शूटरों के दो अन्य साथी या लखनऊ में ही रुके थे या फिर वह किसी दूसरे साधन से यहां पहुंचे होंगे।
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पकड़े गए दोनों युवकों ने पूछताछ में हत्या और शूटरों से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। युवकों का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि साथ आने वाले लोग हत्या करने जा रहे हैं। शूटरों की तलाश में पुलिस ने प्लूमेरिया अपार्टमेंट के पास स्थित दूसरे अपार्टमेंट में छानबीन की लेकिन वहां कोई नहीं मिला। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शूटर अपार्टमेंट से बृहस्पतिवार आधी रात के बाद भाग गए थे। फिलहाल पुलिस ने दोनों अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई है। अपार्टमेंट की रेजिडेंट वेलफेयर कमेटी के पदाधिकारियों से भी बीते दो-तीन दिन के दौरान आने-जाने वालों की जानकारी ली जा रही है।

कार की पिछली सीट पर मिले खून के निशान

लाल रंग की कार की पिछली सीट पर खून के निशान मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जवाबी गोलीबारी में एक गोली शूटर को भी लग गई थी। घायल शूटर को कार में बैठाया गया था, जिससे सीट पर खून फैल गया। हालांकि, कार में फैला खून धोने की कोशिश की गई थी। फॉरेंसिक टीम ने खून के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं।         
        
महाराष्ट्र के कारोबारी की है कार, दो साल से चला रहे थे पकड़े गए युवक                
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लाल रंग की कार महाराष्ट्र के एक कारोबारी की है। कार पकड़े गए युवकों के पास दो साल से थी। कारोबारी से युवकों का क्या संबंध है? कार युवकों के पास कैसे आई? कार और उसे चलाने वाले युवकों का अजीत हत्याकांड से क्या लेना-देना है? इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।    
                  
चारों शूटर आजमगढ़ के, पुलिस को मिले नाम-पते               
पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने बताया कि अजीत सिंह की हत्या करने वाले चारों शूटर आजमगढ़ के ही हैं। शुक्रवार को कई लोगों से पूछताछ में इसकी पुष्टि हो गई है। शूटरों के नाम और पते भी पुलिस को मिल गए हैं। उनकी तलाश में कई जनपदों में पुलिस की टीमें रवाना की गई हैं।
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अजीत की महिला मित्र बोली, मोहर ने मौके से भाग जाने को कहा था

पुलिस ने गोलीबारी के दौरान अजीत की कार में बैठी उसकी दोस्त से भी लंबी पूछताछ की है। अधिकारियों ने बताया कि अजीत अपने साथी मोहर सिंह और महिला मित्र के साथ चिकन लेने आया था। महिला मित्र ने उससे हुक्का का फ्लेवर मंगाया। वह विभिन्न फ्लेवर लेकर मोहर के साथ पैदल कार की तरफ जा रहा था तभी शूटरों ने घेरकर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां चलती देखकर कार में बैठी अजीत की महिला मित्र नीचे झुक गई थी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि अजीत के सड़क पर गिरने के बाद मोहर सिंह कार के पास आया और उसे नीचे उतारकर भाग जाने को कहा। उसने किसी भी शूटर का चेहरा देखने की बात से इनकार किया है।              
     
कार की चाबी साथ ले गई थी महिला मित्र                 
अजीत की महिला मित्र ने बताया कि वह अपने साथ कार की चाबी ले गई थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार लॉक थी। कार के भीतर चार मोबाइल फोन थे जो लगातार बज रहे थे। पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए।           

थाना के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में घूमते रहे शूटर, पुलिस रही बेखबर              
अजीत सिंह की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या के बाद करीब 42 घंटे तक शूटर विभूतिखंड थाना के लगभग डेढ़ किलोमीटर दायरे में ही घूमते रहे और पुलिस बेखबर रही। इस दौरान शूटर अपनी बाइक से कठौता स्थित घटनास्थल से पुलिस के कई चेकिंग पॉइंट्स पार करते हुए कमता स्थित अवध बस अड्डा पहुंचे और वहां दोनों बाइक खड़ी करके लाल रंग की डस्टर कार से फिर थाना से चंद कदम दूर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सामने रोहतास प्लूमेरिया अपार्टमेंट आ गए। हत्यारों की करीब डेढ़ किलोमीटर की इस बेखौफ आवाजाही ने पुलिस इंतजाम को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।    
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