एटीएस ने सीतापुर, हरदोई और अंबेडकर नगर में अवैध सिम का धंधा करने वाले नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के पास से फर्जी आईडी के जरिए लगभग 50 हजार चालू सिमकार्ड बरामद किए गए हैं।
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इन सिम कार्ड का इस्तेमाल डिजिटल पेमेंट की विभिन्न अप्लीकेशन डाउनलोड कर कंपनी की ओर से दिए गए ऑफर के जरिए कमाई के लिए किया जा रहा था।
आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि कुछ दुकानों पर एक्टिवेटेड सिम बेचने की शिकायत पर एटीएस के अपर पुलिस अधीक्षक राजेश साहनी ने जांच की।
पता चला कि नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कई एप प्ले स्टोर पर आ गए। ग्राहकों को लुभाने के लिए विभिन्न कंपनियां एप पहली बार डाउनलोड करने पर संबंधित एप के अकाउंट में दस रुपये से लेकर तीन सौ तक देती हैं। इनसे किसी भी मोबाइल को रिचार्ज किया जा सकता है।
फर्जी आईडी से एक्टीवेट करवा लिए हजारों सिम कार्ड
जालसाजों ने इसी का लाभ उठाया और फर्जी आईडी से हजारों सिमकार्ड एक्टीवेट करा लिए। इसके बाद दर्जनों एप को डाउन लोड करने पर मिलने वाले ऑफर बैलेंस का इस्तेमाल दूसरे मोबाइल को रिचार्ज करने के लिए करने लगे।
इस तरह एक मोबाइल पर विभिन्न एप के जरिए चार सौ रुपये से पांच सौ रुपये तक रिचार्ज कराया जा सकता था।
सेल्युलर कंपनियां अधिक से अधिक ग्राहक बनाने के लिए न सिर्फ फ्री में सिम उपलब्ध कराती हैं बल्कि अधिक सिमकार्ड बेचने वाले को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव भी देती हैं।
एटीएस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से जिन युवकों को गिरफ्तार किया है उसमें कई सिम डिस्ट्रिब्यूटर भी हैं जो कमीशन के आधार पर कारोबार करते हैं।
सीतापुर में पांच गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
राजेश साहनी ने बताया कि कुल तीन जिलों में स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई की गई। इसमें सीतापुर दो स्थानों पर छापा मार कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कोतवाली क्षेत्र से खैराबाद निवासी विकास जायसवाल, रोहित कुमार, सुजीत कुमार, पंकज कुमार और अमित कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनके पास से 15 हजार 444 सिम, 5 लैपटाप और 37 फोन बरामद किए हैं।
वहीं सीतापुर के ही संदना थाना क्षेत्र से अरूण सिंह को गिरफ्तार कर उसके पास से 32 हजार 93 सिम कार्ड के अलावा 37 मोबाइल, एक लैपटॉप, सैकड़ों की संख्या में सिम के लिए भरा जाने वाला फार्म, आईडी और फोटो बरामद हुई है।
इसी तरह हरदोई के थाना बधौली क्षेत्र से दिल्ली के रहने वाले सुशील कुमार सिंह के पास से 930 सिम, 3 लैपटाप, एक कम्प्यूटर, 209 भरे फार्म, फर्जी डाक्यूमेंट, 21 मोबाइल और 13 जीपीआरएस मोडेम बरामद किए हैं जिसका इस्तेमाल बल्क रिचार्ज एसएमएस के लिये किया जाता था।
इसके अलावा 48 फर्जी मोहरे बरामद हुई हैं जो विभिन्न दुकानदारों के नाम की हैं। इन मोहरों का इस्तेमाल केवाईसी फार्म पर लगाने के लिए किया जाता ताकि सेल्युलर कंपनी को कोई शक ना हो। सुशील सिंह सिमकार्ड डिस्ट्रिब्यूटर बताया जा रहा है जो कंपनियों का अधिकृत डिस्ट्रिब्यूटर है।
वहीं फर्जी आईडी पर सिम बेचने के आरोप में एसटीएफ व सम्मनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने दो दुकानदारों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक भाग निकला। गिरफ्तार दोनों के पास से 250 चालू सिम व 18 फर्जी आईडी व फोटो बरामद हुए। बाद में दोनों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
वहीं अम्बेडकर नगर में दो स्थानों पर छापे मार कर सम्मनपुर थानाक्षेत्र से रामकुबेर और अकबरपुर थानाक्षेत्र से सुमंत प्रसाद गुप्ता को गिरफ्तार कर 250 प्री एक्टिवेटेड सिम कार्ड बरामद किया है।