भाजपा के लोनी प्रत्याशी नंद किशोर गुर्जर ने टिकट पाने के बाद बयान दिया कि लोनी में न अली, न बाहुबली, लोनी में सिर्फ बजरंग बली। इसके बाद चुनाव आयोग ने गुर्जर को नोटिस देकर जवाब तलब कर लिया है।
सपा-भाजपा दोनों ही ध्रुवीकरण के एजेंडे पर : डॉ. बृजभूषण
हिंदू कॉलेज मुरादाबाद में राजनीतिशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. बृजभूषण सिंह कहते हैं, सपा कई विवादास्पद मुस्लिम चेहरों को तवज्जो देकर चुनावी माहौल में ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है, तो भाजपा उसे तीखे शब्दों में मुद्दा बनाकर। सपा-रालोद गठबंधन ने चुनाव के मौके पर जिस तरह के लोगों को आगे कर टिकट का वितरण किया है, उससे जाटों में असंतोष नजर आ रहा है। गठबंधन के सीट बंटवारे का एक संदेश यह आ रहा है कि जाट त्याग करें और मुस्लिमों के लिए अवसर बढ़ाएं। सोशल मीडिया पर कई जगह इस तरह की बातें चल रही हैं। जाटों को लग रहा है कि उनकी कीमत पर सपा सियासीी फायदा उठाना चाहती है। इससे भाजपा को पश्चिम की बिगड़ी जमीन सुधारने का मौका मिला है, जिसमें वह पूरी ताकत से जुटी नजर आ रही है। यह चुनाव पिछले चुनाव की तर्ज पर ही बढ़ता दिख रहा है।
सपा की रणनीति का फायदा उठाने की नीति पर बढ़ रही भाजपा : प्रो. द्विवेदी
राजनीतिशास्त्री प्रो. एसके द्विवेदी कहते हैं, पश्चिम में जिस तरह का माहौल था, उसमें इस क्षेत्र में सपा-रालोद गठबंधन चुनाव का एक महत्वपूर्ण पहलू था। लेकिन, जाटों के प्रभाव वाली तमाम सीटों पर गठबंधन की ओर से मुस्लिम प्रत्याशी उतारने से कई जगह दोनों ही मतदाता वर्ग में मनभेद बढ़ने की सूचनाएं आ रही हैं। दूसरा, काफी समय से सॉफ्ट हिंदुत्व वाला चेहरा पेश कर रही सपा ने चुनाव के ऐन मौके पर ऐसे कई चेहरों को तवज्जो देना शुरू कर दिया, जिनसे पश्चिमी यूपी का बहुसंख्यक तबका खुश नहीं रहता है। इससे भी स्थितियां बदली हैं। अमित शाह और योगी आदित्यनाथ जैसे हिंदुत्व ब्रांड वाले चेहरों को भाजपा वहां आगे कर, इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करने की रणनीति पर बढ़ती दिख रही है। इससे पश्चिम का चुनाव भी पिछले चुनाव की राह बढ़ता नजर आने लगा है।