एविएटर एप पर ऑनलाइन गेमिंग के दौरान की ठगी
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फेफड़े की बीमारी से पीड़ित गोमतीनगर विस्तार के शारदा अपार्टमेंट निवासी बिंदु सकल राम के एविएटर गेम में 35.29 लाख रुपये डूब गए। साथ ही उनके तीन बैंक खाते भी फ्रीज हो गए। पीड़िता ने बिग मुंबई एप के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।
बिंदु सकल राम के मुताबिक, काफी समय पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा था। उसमें दिए गए लिंक के जरिये उन्होंने बिग मुंबई एप डाउनलोड किया। एप पर उन्होंने अपना मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट पंजीकृत कराया। इसके बाद वह एप में दिए गए एविएटर गेम को खेलने लगीं।
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फरवरी 2024 में उन्होंने शुरुआत में दो बार एक हजार रुपये लगाए, जो डूब गए। इसके बाद उन्होंने दस हजार लगाए। गेम जीतने पर दो लाख रुपये के ट्रांजेक्शन का उनके पास मेसेज आया। इसके बाद उन्होंने 35.23 लाख रुपये गेमिंग एप पर निवेश कर दिए। तभी छह मई 2024 को बिंदु ने जो बैंक खाता पंजीकृत कराया था वह बंद हो गया। इस पर उन्होंने अपने भाई का खाता रजिस्टर कर दिया और फिर गेम खेलने लगीं। इसके कुछ दिन बाद बिग मुंबई एप ने पीड़िता के तीन बैंक खाते फ्रीज कर दिए। इस तरह उनकी जीती हुई रकम और 35 लाख रुपये दोनों डूब गए।
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बिंदु ने एप की मेल आईडी पर शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। ऐसे में उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव ने बताया कि जिस एप में पीड़िता के बैंक खाते पंजीकृत हुए हैं, उसकी जांच की जा रही है।
क्या होता एविएटर गेम
यह एक ऑनलाइन गेम है। इसमें एक विमान होता, जिसके उड़ने से पहले लोग बेट लगाते हैं। विमान जितना उड़ता है उतरी रकम दोगुनी हो जाती है, लेकिन विमान के क्रैश होने से पहले ही लगाई हुई बेट वापस लेनी होती है।