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कोरोना मरीजों के लिए प्लाज्मा थेरेपी है कारगर, केजीएमयू में हो चुका है ट्रायल

Mon, 18 May 2020 05:55 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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प्लाज्मा थेरेपी को लेकर केजीएमयू और पीजीआई में लगातार तैयारियां चल रही हैं। खुलासा हुआ है कि प्लाज्मा थेरेपी से मरीज पर किसी तरह का दुष्प्रभाव नहीं होता है। थेरेपी देने के दूसरे दिन ही मरीज में संक्रमण की दर कम हो जाती है।
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ऐसे में चिकित्सा विशेषज्ञ स्थिति को कोरोना मरीजों के लिए सबसे कारगर मान रहे हैं। जॉन्स हॉकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए शोध में बताया गया कि मार्च में 50 गंभीर रूप से बीमार मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी दी गई। इसमें से 30 मरीजों में थेरेपी देने के दूसरे दिन काफी सुधार पाया गया।

यह शोध रिपोर्ट ऐसे वक्त आई है कि जब राजधानी के केजीएमयू और पीजीआई में प्लाज्मा डोनेशन को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों ने काम शुरू कर दिया है। आईसीएमआर की ओर से केजीएमयू और पीजीआई को प्लाज्मा का ट्रायल करने के लिए संस्तुति भी मिल चुकी है।
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छह लोग कर चुके हैं प्लाज्मा डोनेशन

केजीएमयू में कोराना पॉजिटिव मिले उरई के डॉक्टर की हालत गंभीर होने पर प्लाज्मा थेरेपी दी गई थी। इसके बाद उनका संक्रमण कम हो गया था। कोरोना की रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई थी लेकिन यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और लिवर फेल्योर की वजह से उनकी मौत हो गई थी।

केजीएमयू ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. तूलिका चंद्रा ने बताया कि कोरोना से ठीक होने वाले छह लोग प्लाज्मा डोनेट कर चुके हैं। कई लोगों ने पंजीयन कराया है। प्लाज्मा दान करने से मरीज को किसी तरह की दिक्कत नहीं होती है।

विभिन्न शोध रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि प्लाज्मा थेरेपी गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सबसे कारगर है। ऐसी स्थिति में ज्यादा से ज्यादा लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने की अपील की गई।
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