- त्रुटिरहित मतदाता सूची होने से वोटिंग प्रतिशत बढ़ेगा।
- अलग-अलग मतदाता सूची तैयार करने पर होने वाले भारी खर्च की बचत होगी।
- अलग-अलग चुनाव में हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं। एक साथ चुनाव से सरकारी राजस्व की बड़ी बचत होगी।
- लगभग हर वर्ष कहीं न कहीं चुनाव से विकास कार्य प्रभावित होता है। एक साथ चुनाव होने से विकास के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
- पांच वर्ष के लिए निर्वाचित सरकारों का लगभग एक चौथाई समय चुनाव आचार संहिता के दायरे में खप जाता है, इससे राहत मिलेगी।
- निर्वाचित प्रतिनिधि काम के लिए पर्याप्त समय न मिलने का बहाना नहीं कर सकेंगे।