अखिलेश ने कहा, चाहे कोई कितने भी बड़े पद पर हो उसका आचरण और अभिव्यक्ति संवैधानिक मर्यादा में होनी चाहिए। ‘समाजवाद‘ पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी असंवैधानिक कृत्य है। समाजवाद सामाजिक-आर्थिक समानता के सिद्धांत से प्रतिबद्ध है।
जो सामाजिक गैरबराबरी और आर्थिक विषमता के पोषक हैं, वही समाजवाद पर प्रहार कर रहे हैं। भाजपा सरकार से जिस नैतिक आचरण और संवैधानिक जिम्मेदारी की अपेक्षा है उसका पूरी तरह अभाव दिखता है। संवैधानिक पद के दुरुपयोग पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
राज्यपाल को इस अवमाननापूर्ण आचरण का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री को तत्काल पदमुक्त करना चाहिए। उन्होंने कहा, गोरखपुर व फूलपुर में हार को भाजपा पचा नहीं पा रही है। उसमें कुछ ज्यादा ही बौखलाहट दिख रही है। समाजवाद की आड़ में संविधान पर भी हमला बोला जा रहा है।