क्यूएस रैंकिंग में चमका पीजीआई, केजीएमयू ने बनाए रखी साख
लखनऊ। चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में लखनऊ के दो प्रमुख संस्थानों एसजीपीजीआई और केजीएमयू ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स बाय सब्जेक्ट-2026 (मेडिसिन) में एसजीपीजीआई ने उल्लेखनीय सुधार करते हुए अपनी रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है, जबकि केजीएमयू ने लगातार अपनी स्थिति बनाए रखी है।
जारी रैंकिंग के अनुसार एसजीपीजीआई को इस बार 401-450 बैंड में स्थान मिला है। पिछले वर्ष यह संस्थान 551-600 बैंड में था। संस्थान को शैक्षणिक प्रतिष्ठा के लिए 54.2 और शोध पत्रों के उद्धरण (साइटेशन) में 66.5 अंक प्राप्त हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शोध और चिकित्सा शिक्षा की बढ़ती गुणवत्ता का सकारात्मक प्रभाव रैंकिंग में दिखाई दिया है।
वहीं केजीएमयू को लगातार दूसरे वर्ष 701-850 बैंड में स्थान मिला है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मेडिकल शिक्षा, शोध और मरीजों के उपचार की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। नए विभाग शुरू किए जा रहे हैं और ट्रॉमा सेंटर का भी विस्तार किया जा रहा है।
देश में एम्स-दिल्ली सर्वोच्च स्थान पर
रैंकिंग में दिल्ली एम्स 105वीं रैंक के साथ देश में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि मनीपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन को 201-250 बैंड में जगह मिली है।