विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की कि कर्मचारियों के भविष्य निधि के भुगतान की जिम्मेदारी लेकर अधिसूचना जारी करे, जिससे कर्मचारी तनावमुक्त होकर अपना कार्य निष्ठा से कर सकें। समिति ने अल्टीमेटम दिया कि 14 नवंबर की रैली की तैयारी में जुटे आंदोलनकारियों का उत्पीड़न करने पर अभियंता एवं कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
शक्ति भवन के समक्ष सोमवार को आयोजित सभा में समिति पदाधिकारियों ने कहा कि पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन को बर्खास्त कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। दागी कंपनी डीएचएफएल के खिलाफ अब तक एफआईआर न करने पर हैरानी जताते हुए सवाल किया गया कि कंपनी से प्रशासन की क्या सहानुभूति है? 84 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में डूबी कंपनी डीएचएफएल किस बूते कर्मचारियों के भुगतान की गारंटी ले रही है।
गौरतलब है कि डीएचएफएल से भुगतान पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने पहले ही रोक लगा रखी है। सभा को शैलेंद्र दुबे, राजीव सिंह, गिरीश पांडेय, सुहैल आबिद, विपिन प्रकाश वर्मा, शशिकांत श्रीवास्तव, डीके मिश्रा, महेंद्र राय, कुलेंद्र सिंह, परशुराम, मोहम्मद इलियास, करतार प्रसाद, पीएन राय, भगवान मिश्र, पूसेलाल और आरएस वर्मा ने संबोधित किया।