चित्रकूट की महिला से सामूहिक दुराचार व उसकी पुत्री से दुराचार का प्रयास करने के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की ओर से उन्हें आरोपों से मुक्त करने की मांग वाली दूसरी अर्जी पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश उमाशंकर शर्मा ने खारिज कर दी।
कोर्ट ने गवाही के लिए 3 अक्तूबर की तारीख तय की है। वहीं आरोपी द्वारा जमानत के लिए दी गई दूसरी अर्जी पर 21 सितंबर को सुनवाई होगी।
पूर्व मंत्री ने आरोप मुक्त करने की मांग वाली दूसरी अर्जी देकर बताया था कि उनके खिलाफ कोर्ट के समक्ष कोई पुख्ता साक्ष्य पुलिस ने पेश नहीं किया है। सरकारी वकील एमके. सिंह ने उनकी अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपी गायत्री प्रसाद प्रजापति की ओर से पूर्व में भी आरोपों से मुक्त करने के लिए अर्जी दी गई है। इस पर दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद कोर्ट ने गत 18 जुलाई को अर्जी खारिज कर दिया था।