यूपी में अवैध शराब के कारण मौत होने पर अब अभियुक्तों को सजाए मौत की भी सजा दी जा सकेगी। इसके लिए सरकार ने आबकारी एक्ट 1910 में संशोधन किया है। साथ ही एक्ट में एक नई धारा जोड़ी गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आबकारी एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दे दी गई।
आबकारी अधिनियम 1910 काफी पुराना होने के कारण इस लिए इसकी दो दर्जन से अधिक धाराओं में संशोधन किया गया है। आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि जिन धाराओं में संशोधन किया गया है उसमें अधिनियम की धारा 3, 50, 51, 52, 53, 54, 55, 60, 62, 63, 64, 64क, 65, 66, 67, 68, 69, 69क, 70, 71, 72, 73क, 74 एवं 74 क शामिल हैं। साथ ही एक नई धारा 60 क जोड़ी गई है।
इस नई धारा में अवैध शराब से मौत या स्थाई अपंगता होने पर आजीवन कारावास या 10 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों अथवा मृत्युदंड तक का प्रावधान किया गया है।
अफसरों को मिलेगा कठोर दंड
अवैध शराब के कारोबार को शह देने वाले विभागीय अफसरों की लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर उन्हें अब कठोर दंड का प्राविधान किया गया है। आबकारी कानून में कठोर दंड का प्राविधान होने से तलाशी आदि के मामले में जरा भी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अफसरं के खिलाफ निलंबन और बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकेगी। हालांकि गिरफ्तारी, निरुद्ध, बरामदगी, सर्च वारंट और जमानती व गैर जमानती धाराओं में संशोधन से अफसरों के अधिकारों में भी बढ़ोत्तरी की गई है।