लखनऊ। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के प्रेमचंद सभागार में हिंदी पत्रकारिता की 199वीं वर्षगांठ मनाई गई। अखिल भारतीय हिंदी पत्रकार संघ और रंगभारती संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि अंग्रेजों ने हिंदी पत्रकारिता को कुचलने का काम किया था। ऐसे विकट समय में भी हिंदी पत्रकारिता की अलख जगाए रखने वाले पत्रकारों ने अपनी लेखनी से भारत को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई। रंगभारती के अध्यक्ष श्याम कुमार ने बताया कि पंडित युगल किशोर शुक्ल ने 30 मई, 1826 को कोलकाता में प्रथम हिंदी समाचारपत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ का प्रकाशन किया था। संचालन अनीता सहगल ने किया। विशिष्ट अतिथि मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्यागिरी रहीं।
इनका हुआ सम्मान
बाबूराव विष्णु पराड़कर रंगभारती सम्मान - ओमप्रकाश पांडेय।
लक्ष्मीनारायण गर्दे सम्मान - नरेंद्र भदौरिया व रामसागर।
रामकृष्ण खाडिलकर सम्मान - रामदत्त त्रिपाठी।
सच्चिदानंद वात्स्यायन अज्ञेय सम्मान - विजय शंकर पंकज, दिनेश गर्ग एवं अनिल भारद्वाज।
गणेशशंकर विद्यार्थी सम्मान - सुरेंद्र दुबे, कन्हैयाबख्श सिंह व प्रमोद गोस्वामी।
डॉ. धर्मवीर भारती सम्मान - प्रणय विक्रम सिंह व आशीष मिश्र।
शंकरदयालु श्रीवास्तव सम्मान - घनश्याम दुबे व शेखर पंडित।
हेरम्ब मिश्र सम्मान - सर्वेश सिंह, जयप्रकाश त्यागी व अनिल कुमार।
कृष्णबिहारी श्रीवास्तव सम्मान - सिद्धार्थ सौरभ, शिशुपाल सिंह व विनय कृष्ण रस्तोगी।
अमीर खुसरो सम्मान - सिदरत अंसारी।
न्यायमूर्ति प्रेमशंकर गुप्त सम्मान- न्यायमूर्ति डॉ. शेखर यादव, इलाहाबाद उच्च न्यायालय।
प्रयागराज दिव्य महाकुंभ सम्मान- महाकुंभ के मेला अधिकारी विजय किरण आनंद के अलावा पर्यटन, जलशक्ति, परिवहन, खाद्य-रसद व नागरिक आपूर्ति विभाग को।