प्रमुख सचिव के खिलाफ प्रदर्शन करते अधिकारी और कर्मचारी
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समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने प्रमुख सचिव बीएल मीणा पर विभाग के निदेशक बाल कृष्ण त्रिपाठी और कर्मियों के खिलाफ अभद्रता का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने शुक्रवार समाज कल्याण निदेशालय पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार से मीणा को निलंबित करने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
संयुक्त समन्वय समिति ने एलान किया कि जब तक मीणा को निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया जाता, तब तक कर्मचारी कार्य बहिष्कार करेंगे। कार्य बहिष्कार को राज्य कर्मचारी महासभा, जवाहर भवन-इंदिरा भवन और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी समर्थन किया है। राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश पांडेय ने बताया कि 2 मार्च को निदेशालय, मंडल और जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने निदेशक को चिड़ियाघर से लाया हुआ कहते हुए अभद्रता की। उन्होंने कहा कि मीणा की ओर से दी जा रही मानसिक प्रताड़ना से दुखी निदेशक की बृहस्पतिवार को निदेशालय में तबीयत बिगड़ गई, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो कर्मचारी घेरेंगे मीणा का घर
सतीश पांडेय ने बताया कि समाज कल्याण विभाग में प्रमुख सचिव पद पर तैनाती के बाद से मीणा अपने कक्ष में, बैठकों में और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कर्मचारियों से अपशब्दों का प्रयोग करते है। मीणा के व्यवहार से दुखी होकर अल्प संख्यक कल्याण विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने भी 16 जनवरी को मुख्य सचिव से इसकी शिकायत भी की थी। उस दौरान लिखित समझौता हुआ था कि मीणा किसी के खिलाफ अपशब्दों का उपयोग नहीं करेंगे। सतीश ने कहा कि यदि सरकार ने मीणा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो कर्मचारी मीणा के घर का घेराव कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।