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आसमानी आफत के बीच 40 लाख लोगों ने झेला बिजली संकट

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आसमानी आफत के बीच लोगों को 15 से 20 घंटे तक बिजली संकट भी झेलना पड़ा। झमाझम बारिश की वजह से बृहस्पतिवार को 40 लाख की आबादी बिजली से महरूम रही। शहरी क्षेत्र में 80 फीसदी व ग्रामीण क्षेत्र में 95 फीसदी इलाकों की बिजली सप्लाई बाधित हुई है। कई क्षेत्रों में करंट उतरने की शिकायतें भी आई। बिजली न होने से लोग पानी के लिए भी तरस गए।
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सर्वाधिक संकट गोमतीनगर, इंदिरानगर, कैंट, राजाजीपुरम, आशियाना, वृंदावन, रजनीखंड, आलमबाग, चौक, विकासनगर, जानकीपुरम एवं महानगर के लोगों ने झेला। जबकि काकोरी, मलिहाबाद, माल, रहीमाबाद, निगोहा, मोहनलालगंज, गोसाईगंज कस्बे व गांवों में देर रात तक संकट रहा। इन इलाकों में लाइनों पर पेड़ गिरने से पोल-तार टूटने व बारिश का पानी भरने के कारण बिजली बंद हो गई। उधर, इंदिरानगर के सेक्टर 25, कल्याणपुर, सर्वोदयनगर, आशियाना एवं वैद्य स्टील तालकटोरा उपकेंद्रोें में पानी घुसने से बिजली बंद करनी पड़ी।
17 घंटे बाद हुए रोशन
गोमतीनगर के मंत्री आवास उपकेंद्र इलाके के निवासी आरआई सिंह ने बताया कि बुधवार करीब एक बजे बिजली सप्लाई बंद हुई जो बृहस्पतिवार को शाम छह बजे चालू हो सकी। इससे पूरे विशेष खंड को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक्सईएन मुनीश चोपड़ा ने बताया कि सात पोल की एबीसी टूटने से बिजली बंद रही।
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150 से अधिक पेड़ गिरे
लेसा के अभियंताओं ने बताया कि राजधानी में 150 से अधिक पेड़ गिरे हैं, इनमें सर्वाधिक गोमतीनगर व इंदिरानगर के शामिल हैं। गोमतीनगर में विशेष खंड, विवेक खंड, विनय खंड, विशाल खंड, विभूति खंड में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हुई थी। पेड़ों केे गिरने से 50 एलटी व 10 एचटी लाइन के पोल टूटे हैं।
पानी में डूबीं 250 ट्रांसफार्मर पेटियां
जलभराव से बिजली सप्लाई करने वाली 250 ट्रांसफार्मर पेटियां पानी में डूब गईं, जिससे करंट उतरने की शिकायतें आने लगी। पुलिस ने इन सभी एरिया की बिजली बंद कराई, जिसमें राजाजीपुरम सेक्टर ई नाला के पास, सिंगारनगर, समर विहार कॉलोनी, चौक, चौपटिया, हरीनगर बालागंज, ओमेक्स, रिफा कॉलोनी, आलमबाग, तेजी खेड़ा, फैजुल्लागंज, सहारा स्टेट जानकीपुरम, अलीगंज, आलमबाग नटखेड़ा रोड, तेलीबाग आदि इलाके शामिल रहे। इससे ट्रांसफार्मर की बिजली चालू नहीं हो सकी।
1912 पर 45 हजार कॉल आईं
बारिश के चलते बिजली संकट की चपेट में आए लोगों ने बीते बुधवार रात से बृहस्पतिवार शाम छह बजे तक 45 हजार कॉल आईं, जिनमें से साढ़े पांच हजार शिकायतेें दर्ज की गईं हैं। इनमें बारिश का पानी मीटर में घुसने से, पोल से सर्विस केबल का ढीला होना, ट्रांसफार्मर की पेटी जलने की समस्या बताई। उधर, ट्रांस गोमती जोन के मुख्य अभियंता अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि सुबह सात से शाम सात बजे तक उपभोक्ताओं की मोबाइल पर शिकायतें सुनते-सुनते थक गए। एमडी सूर्यपाल गंगवार भी रात साढ़े आठ बजे तक हुसैनगंज स्थित कॉल सेंटर में बैठे रहे।
तेलीबाग में रात तक अंधेरा
तेलीबाग क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात तक अंधेरा रहा। मीरा विहार कॉलोनी में बुधवार देर रात्रि 2 बजे लाइट गई तो बृहस्पतिवार शाम 7 बजे तक लाइट नहीं आई थी। कॉलोनी के संजय वर्मा, एकेएल सागर, शैलेन्द्र सिंह ने बताया की लाइट न आने से लोग पानी को तरस गए। लोगों को काफ ी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं वृंदावन कॉलोनी में हर आधे घंटे में लाइट की ट्रिपिंग होती रही।
शाम तक 70 फीसदी इलाके रोशन
शाम सात बजे तक 70 फीसदी इलाके रोशन हो गए थे। 30 फीसदी उन इलाकों में अंधेरा रहा जहां पुलिस ने पानी भरे होने के कारण बिजली बंद कराई है। पेड़ों के लाइनों पर गिरने से काफी लाइनें व तार टूटे हैं।
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- मधुकर वर्मा, मुख्य अभियंता लेसा सिस गोमती
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