कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर में अब तक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के मौजूदा 20 शिक्षक और 25 से अधिक पूर्व शिक्षक व विद्वानों का निधन हो चुका है। कोई भी दिन ऐसा नहीं गुजर रहा है, जब एएमयू के किसी शिक्षक या विद्वान की मृत्यु का समाचार न आया हो।
इससे पहले शुक्रवार को जेएन मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन फैकल्टी के प्रोफेसर शादाब अहमद खान का निधन हो गया था। संस्कृत विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर खालिद बिन यूसुफ, लॉ फैकल्टी के पूर्व डीन प्रोफेसर शब्बीर सहित ऐसे नामों की लंबी सूची है। शनिवार को एएमयू में कंप्यूटर साइंस विभाग के वरिष्ठ व्याख्याता प्रोफेसर रफीकुज्जमां खान का निधन हो गया। उन्होंने हाल ही में विभाग अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया था। जूलॉजी विभाग के प्रसिद्ध वैज्ञानिक और सेवानिवृत्त व्याख्याता डाक्टर सैयद इरफान अहमद का निधन हो गया था।
बीते दिनों भौतिकी विभाग से सेवानिवृत्त व्याख्याता डॉ अरशद अहमद का निधन हो गया। वह एक प्रमुख पूर्व एएमयू छात्र, अमेरिकी उद्योगपति और नेता डाक्टर फ्रैंक एफ इस्लाम के बहनोई थे। हालांकि विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ लोग कहते हैं कि अन्य स्थानों पर हालत इससे भी ज्यादा खराब हैं। एएमयू में प्रत्येक चीज का रिकॉर्ड मेंटेन होता है और यहां पर आंकड़े छिपाए नहीं जाते। इसलिए प्रदर्शित यह हो रहा है कि यहां पर मौत ज्यादा हो रही है। जबकि अन्य संस्थानों और राज्यों में स्थिति इससे भी ज्यादा खराब है। एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने शिक्षकों और विद्वानों निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह सब निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।