रायबरेली। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के पात्रता नियम में बदलाव हुआ है। ऐसे में अब ऐसे जिनके पास फ्रिज और बाइक हैं और उनका आवास कच्चा है तो वे भी पीएम ग्रामीण आवास योजना के पात्र होंगे। 15 हजार रुपये तक मासिक आय वाले भी अब पीएम ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थी बन सकेंगे। इसको लेकर पात्रों के चयन के लिए सर्वे का काम जल्द शुरू होगा।
नए सर्वे को लेकर मंगलवार को विकास भवन सभागार में कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सर्वे करने के टिप्स दिए गए। मानकों की जांच करके पात्रों का चयन किया जाएगा, जिससे जल्द ही पात्रों को आवास की सुविधा दी जाएगी। प्रशिक्षण में डीआरडीए के परियोजना निदेशक सतीश प्रसाद मिश्रा ने कहा कि सर्वे में कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को योजना में शामिल किया जाएगा।
आश्रय विहीन परिवारों के साथ ही बेसहारा, हाथ से मैला धोने वाले परिवार, बंधुआ मजदूर आदि को सर्वे को शामिल किया जाए। 15 हजार रुपये माह पाने वाले भी सर्वे में शामिल किए जाएंगे। दो पहिया वाहन मालिकों भी योजना में शामिल किया जाए। उन्होंने बताया कि सर्वे के काम में 362 कर्मचारियों को लगाया गया है। प्रशिक्षण के बाद तय समय में सर्वे का काम पूरा करके देंगे, जिससे आवास प्लस की अंतिम सूची जारी की जा सके।
किसी को दूसरी किस्त तो किसी को पहली किस्त का इंतजार
रायबरेली। जिले को 744 मुख्यमंत्री आवास बनवाने का लक्ष्य मिलने के बाद भी ब्लॉकों के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। कुछ खंड विकास अधिकारियों ने पात्रों को आवास बनाने के लिए दोनों किस्त दे दी हैं, तो कुछ लापरवाह बीडीओ पहली किस्त देने में भी आनाकानी कर रहे हैं। परियोजना निदेशक सतीश प्रसाद मिश्रा ने बताया कि सभी बीडीओ को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। लक्ष्य के सापेक्ष पात्रों का चयन करके आवास बनवाने का काम शुरू न कराने वाले खंड विकास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।