अमर उजाला के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ की गूंज सात समंदर पार तक पहुंच गई है। विदेशों में भी लोग इस अभियान से न सिर्फ जुड़ रहे हैं बल्कि इससे प्रभावित होकर हिंदी के विकास के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसे ही एक अभिनव प्रयास की शुरुआत हिंदी को समर्पित अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्था विश्व हिंदी ज्योति ने की है।
तो वहीं दूसरी ओर लखनऊ की संस्था अमृतायन ने भी बच्चों में हिंदी के प्रति रुचि पैदा करने के लिए एक काव्य प्रतियोगिता की शुरूआत की है। विश्व हिंदी ज्योति की अध्यक्ष, लखनऊ की मूल निवासी और कैलीफोर्निया में रह रहीं मंजू मिश्रा ने बताया कि अमर उजाला में प्रकाशित खबर ‘हिंदी में फेल या हिंदी फेल’ को पढ़ने के बाद यह जानकार बहुत कष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश जैसे हिंदी भाषी प्रदेश में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में आठ लाख बच्चे फेल हो गए। तभी से मन बहुत व्यथित था।
इसके बाद अमर उजाला के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ के बारे में पढ़ा तो हम लोगों ने भी अपनी संस्था के माध्यम से भारतीय बच्चों में हिंदी के प्रति आकर्षण पैदा करने के उद्देश्य से हिंदी प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया। वहीं विश्व हिंदी ज्योति के उपाध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिता की शुरुआत होने जा रही है जिसमें उनके हिंदी के पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे और विजेता बच्चों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे।