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अमेरिका तक पहुंची ‘हिंदी हैं हम’ की गूंज, विश्व हिंदी ज्योति व अमृतायन ने शुरू की मुहिम

Fri, 21 Aug 2020 05:28 PM IST
ishwar ashish अभिषेक सहज, अमर उजाला, लखनऊ
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मंजू मिश्रा और मनीष श्रीवास्तव - फोटो : amar ujala
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अमर उजाला के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ की गूंज सात समंदर पार तक पहुंच गई है। विदेशों में भी लोग इस अभियान से न सिर्फ जुड़ रहे हैं बल्कि इससे प्रभावित होकर हिंदी के विकास के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसे ही एक अभिनव प्रयास की शुरुआत हिंदी को समर्पित अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्था विश्व हिंदी ज्योति ने की है।

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तो वहीं दूसरी ओर लखनऊ की संस्था अमृतायन ने भी बच्चों में हिंदी के प्रति रुचि पैदा करने के लिए एक काव्य प्रतियोगिता की शुरूआत की है। विश्व हिंदी ज्योति की अध्यक्ष, लखनऊ की मूल निवासी और कैलीफोर्निया में रह रहीं मंजू मिश्रा ने बताया कि अमर उजाला में प्रकाशित खबर ‘हिंदी में फेल या हिंदी फेल’ को पढ़ने के बाद यह जानकार बहुत कष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश जैसे हिंदी भाषी प्रदेश में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में आठ लाख बच्चे फेल हो गए।  तभी से मन बहुत व्यथित था।

इसके बाद अमर उजाला के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ के बारे में पढ़ा तो हम लोगों ने भी अपनी संस्था के माध्यम से भारतीय बच्चों में हिंदी के प्रति आकर्षण पैदा करने के उद्देश्य से हिंदी प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया। वहीं विश्व हिंदी ज्योति के उपाध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिता की शुरुआत होने जा रही है जिसमें उनके हिंदी के पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे और विजेता बच्चों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

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अमेरिकी भारतीयों का लखनऊ से है गहरा रिश्ता

रचना श्रीवास्तव और नीलू गुप्ता - फोटो : amar ujala
विश्व हिंदी ज्योति की अध्यक्ष मंजू मिश्रा के साथ उपाध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव, संस्था की सह संस्थापिका नीलू गुप्ता और सदस्य रचना श्रीवास्तव भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। खास बात ये है कि मंजू मिश्रा के अलावा मनीष श्रीवास्तव और रचना श्रीवास्तव भी लखनऊ से ही हैं।

अमृतायन ने शुरू की प्रतियोगिता
बच्चों में हिंदी के प्रति लगाव बढ़ाने के लिए राजधानी की प्रतिष्ठित संस्था अमृतायन ने भी काव्य प्रतियोगिता की शुरुआत की है। संस्था के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अशोक अज्ञानी ने बताया कि अमर उजाला के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ से प्रभावित होकर संस्था ने इस प्रतियोगिता की शुरुआत की है।

इसमें कक्षा एक से आठ तक और कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को दो वर्गों में बांटा गया है। इस प्रतियोगिता में बच्चों को अपनी पाठ्य पुस्तक से एक कविता याद कर अधिकतम तीन मिनट के वीडियो के माध्यम से वाचन कर भेजना है। 30 अगस्त को प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया जाएगा और प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
 
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