इस कारण उन्होंने अर्जित, मातृत्व व पितृत्व अवकाश की स्वीकृति, वेतन वृद्धि, एसीपी की स्वीकृति, डीपीसी, अवशेषों का भुगतान, टीए व मेडिकल बिल भुगतान और सेवानिवृत्ति बाद के भुगतान के लिए समय सीमा तय कर दिया है।
कुमार ने बेसिक शिक्षा, कृषि, पशुधन, मंडी, कृषि निर्यात, ग्राम विकास, पंचायतीराज, दुग्ध विकास, मत्स्य, भूमि सुधार और गन्ना सहित अन्य विभागों के प्रमुख सचिवों और विशेष सचिवों को निर्धारित समय में स्वीकृति और भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के बाद भी प्रकरण लंबित पाया गया तो उसे गलत नीयत से लंबित रखना मानते हुए संबंधित कर्मचारी व अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
1. अर्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश और पितृत्व अवकाश - 3 से 7 दिन
2. वेतन वृद्धि - निर्धारित तिथि पर
3. एसीपी की स्वीकृति - जुलाई और जनवरी में प्रतिवर्ष
4. डीपीसी - निर्धारित समय पर
5. अवशेषों का भुगतान - कार्यालय आदेश जारी होने से अधिकतम सात दिन के अंदर
6. जीपीएफ से धन निकालने की स्वीकृति - सेवानिवृत्ति के दिन
7. सेवानिवृत्त कर्मियों के सभी देयों, पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण की स्वीकृति - सेवानिवृत्ति के दिन
8. यात्रा बिल भुगतान - बजट उपलब्ध होने पर अधिकतम सात दिन में। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर
9. मेडिकल बिल भुगतान - मुख्य चिकित्सा अधिकारी या अपर निदेशक से सत्यापित बिल प्राप्त होने के बाद अधिकतम सात दिन में