लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर विभाग की भी शुरुआत होगी। इससे गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज की सुविधा और बेहतर हो जाएगी।
यहां डीएम पाठ्यक्रम की पढ़ाई भी होगी। इसका प्रस्ताव राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को भेजा जा रहा है। संस्थान में बीते दिनों हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इन प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। अभी तक राजधानी के किसी संस्थान में पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर विभाग नहीं है। संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने विभाग की स्थापना के बाद पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर के विशेषज्ञ तैयार करने के लिए डीएम कोर्स की शुरुआत करने की बात कही है।
गामा नाइफ के लिए भर्ती होंगे दो असिस्टेंट प्रोफेसर
पीजीआई में सिर के ट्यूमर का बिना सर्जरी इलाज करने के लिए गामा नाइफ भी आने वाला है। इस सर्जरी में गामा नाइफ गामा किरणों से ट्यूमर नष्ट करती है, जिसमें चीरा नहीं लगाना पड़ता है। इससे मरीज को तुरंत डिस्चार्ज कर दिया जाता है। गामा नाइफ के कुशल संचालन के लिए संस्थान में दो असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती की जाएगी। इसके प्रस्ताव पर भी एकेडमिक काउंसिल में मुहर लग चुकी है।