राजधानी में नया पासपोर्ट बनवाना आसान हो गया है। यहां आवेदन के दूसरे दिन का अपॉइंटमेंट (पासपोर्ट के डॉक्यूमेंट जमा करना) मिलना शुरू हो गया है। ऐसे में लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय की परिधि में आने वाले पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड के 49 जिलों के आवेदकों के लखनऊ पासपोर्ट सेवा केंद्र से जल्द पासपोर्ट बनने लगे हैं।
वाराणसी में अपॉइंटमेंट की वेटिंग जहां 13 दिन है तो लखनऊ में सिर्फ एक दिन बाद का ही अपॉइंटमेंट मिल रहा है। लखनऊ परिक्षेत्र के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर सेवा केंद्र के दायरे में आने वाले जिलों के आवेदक किसी भी सेवाकेंद्र से अपॉइंटमेंट लेकर पासपोर्ट बनवा सकते हैं।
दो महीने पहले तक गोरखपुर एवं वाराणसी की अपॉइंटमेंट दो-दो महीने से अधिक चल रही थी, लेकिन जिलों में विशेष शिविरों को आयोजित करके पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू की तो वाराणसी सेवाकेंद्र की अपॉइंटमेंट वेटिंग को छोड़कर अन्य की वेटिंग का ग्राफ नीचे आ गया है।
10 महीने में बने 70 हजार पासपोर्ट
लखनऊ सेवाकेंद्र पर लखनऊ, रायबरेली, हरदोई, उन्नाव, सीतापुर, लखीमपुर, सुल्तानपुर, बहराइच, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती के आवेदक अब दो दिन में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने विदेश मंत्रालय से स्पेशल अप्रूवल लेकर गोमतीनगर स्थित मुख्यालय को पासपोर्ट सेवाकेंद्र-टू के रूप में चालू करके विशेष शिविर के जरिये 49 जिलों के पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू की।
बीते करीब 10 महीने से चले रहे इस प्रयास में करीब 70 हजार नए पासपोर्ट बनाए जिससे गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर सेवाकेंद्र की अपॉइंटमेंट घटकर काफी नीचे आई।