पुलिस को अब महज 20 दिनों के भीतर पासपोर्ट के आवेदकों का सत्यापन करना होगा।
सूबे के पुलिस प्रमुख एके गुप्ता ने कहा कि इसका अनुपालन नहीं करने वालों पुलिसकर्मियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही उनके चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि भी की जाएगी।
दरअसल यह कवायद थानेदारों की मनमानी रोकने, रिस्पांस टाइम में कमी लाने और यूपी पुलिस को स्मार्ट बनाने के लिए किया जा रहा है।
बता दें कि प्रदेश भर के विभिन्न थानों में एक लाख से अधिक पासपोर्ट के आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं।
जनसमस्याओं के निपटारे को लेकर जिलों में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान डीजीपी ने जब पासपोर्ट सत्यापन के बारे में पूछा तो कोई भी अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
इस पर डीजीपी ने पासपोर्ट के आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। इसका अनुपालन कराने के लिए जिले के पुलिस कप्तानों को हर पखवारे इस कार्य की समीक्षा करनी होगी।
इसी तरह जिले के अपर पुलिस अधीक्षकों को भी अपने कार्य क्षेत्र के थानों व क्षेत्राधिकारियों को उनके कार्य क्षेत्र के थानों में पासपोर्ट सत्यापन संबंधी कार्यों की हर सप्ताह समीक्षा करनी होगी।
डीजीपी ने यह भी कहा है कि जिलों के अधिकारियों द्वारा की जानी वाली समीक्षा में सिर्फ पासपोर्ट के आवेदन ही नहीं बल्कि जन समस्याओं से जुड़े अन्य मामलों को भी शामिल किया जाए।
जिलों में इस दिशा में होनी वाली कार्रवाई की रिपोर्ट डीजीपी मुख्यालय को हर पखवारे भेजे जाने को कहा गया है।