उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा-2018 के लिए मंगलवार से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई। इसमें उन अभ्यर्थी को बड़ी राहत मिली है, जो ओवरएज होने के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो रहे थे।
2017 का सत्र शून्य होने के कारण ऐसे ओवरएज अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अवसर दिया जाएगा। यानी ऐसे अभ्यर्थी भी पीसीएस जे परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा की तिथि 16 दिसंबर संभावित है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने मंगलवार को अपनी वेबसाइट पर पीसीएस जे परीक्षा-2018 का विस्तृत विज्ञापन जारी कर दिया। इसके साथ ही परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया। ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाने की अंतिम तिथि 11 अक्तूबर और बैंक में ऑनलाइन परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि आठ अक्तूबर निर्धारित की गई है।
कुल 610 पदों पर भर्ती होनी है। जिनमें 306 पद सामान्य वर्ग (अनारक्षित) के हैं और 164 पद अन्य पिछड़ा वर्ग, 128 पद अनुसूचित जाति और 12 पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इनमें क्षैतिज आरक्षण के तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित के लिए 12, महिला के लिए 122 और दिव्यांग वर्ग के लिए 24 पद आरक्षित हैं।
अधियाचन में दिव्यांग पद का आरक्षण नहीं आया था, जिस पर आयोग ने शासन से इस बारे में जानकारी मांगी थी। वहां से आरक्षित पदों की सूचना मिलने के बाद विज्ञापन जारी किया गया। परीक्षा में वही अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे, जो एक जुलाई 2019 को 22 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हों और उनकी आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। यानी उनका जन्म दो जुलाई 1984 से पूर्व और एक जुलाई 1997 के बाद नहीं होना चाहिए।
वर्ष 2017 में पदों का अधिचायन न आने पर परीक्षा नहीं हो सकी थी। ऐसे में एक सत्र शून्य हो गया। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु में पात्र थे, उन्हें पीसीएस जे 2018 में शामिल होने का मौका मिलेगा। यानी उनका जन्म दो जुलाई 1983 के पूर्व और एक जुलाई 1996 के बाद नहीं होना चाहिए। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट का लाभ नियमानुसार दिया जाएगा।