राजधानी में कोरोना संग वॉयरल बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में हर रोज करीब 70-80 मरीज पहुंच रहे हैं। यही हालात निजी अस्पताल की भी है। जहां पर मरीजों की तादाद बढ़ी हुई है। औसतन हर रोज सरकारी की ओपीडी में 200 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसमें कई मरीज संवेदनशील इलाकों से भी आ रहे हैं। अस्पताल प्रभारियों का कहना है मार्च माह में लगातार वॉयरल बुखार का प्रकोप बढ़ा है।
बलरामपुर अस्पताल में बनी फीवर डेस्क में हर रोज करीब 150 से अधिक बुखार मरीज आ रहे हैं। इसमें 70-80 मरीजों की खून की जांच कराई जा रही है। इसमें आठ से दस टॉयफाइड मरीज व बाकी सामान्य बुखार के सामने आ रहे हैं। अस्पताल सीएमएस डॉ. आरके गुप्ता के मुताबिक, सामान्य बुखार के मरीजों की तादाद अभी बढ़ी हुई है। सिविल अस्पताल की ओपीडी में हर रोज 100 से अधिक मरीज बुखार के आ रहे हैं।
इसमें 50-60 मरीजों की खून की जांच कराई जा रही है। सभी मरीजों में वॉयरल फीवर की पुष्टि हो रही है। सीएमएस डॉ. एसके नंदा ने बताया कि मार्च माह तीसरे हफ्ते से सामान्य बुखार के मरीज बढ़े हैं। बताया कई मरीज टॉयफाइड के भी पॉजिटिव आ रहे हैं।
निजी अस्पतालों की ओपीडी में हर रोज 200 से अधिक मरीज
निजी अस्पतालों की ओपीडी में हर रोज करीब 200 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ऐेसे में वहां पर लगातार मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। निजी अस्पताल के प्रभारियों का कहना है कि वॉयरल फीवर के मरीज अधिक सामने आ रहे हैं। कई मरीज कोरोना समझकर जांच करवा रहे मगर उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।
फैजुल्लागंज पीएचसी पर आ रहे 100 मरीज
फैजुल्लागंज पीएचसी पर हर रोज ओपीडी में करीब 100 मरीज आ रहे हैं। इसमें करीब 60 मरीज बुखार के आ रहे हैं। बाकी मरीज दूसरी बीमारी के सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वॉयरल बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। इसी तरह खदरा के हालात बने हुए हैं। यहां पर वॉयरल बुखार का मरीज हर दूसरे घर में ग्रस्त मिल रहा है। ऐसे में आस पास की निजी क्लीनिक पर शाम होते ही भीड़ उमड़ रही है।