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राजकीय बालगृह में हाड़ कंपाती सर्दी में बच्चों को ठंडे पानी से नहलाया

Tue, 10 Jan 2017 03:44 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो
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ऐसे बच्चे जिन्हें उनके अपने छोड़कर चले गए, या जो अनाथ हैं, उनके साथ कैसा सुलूक हो रहा है, राजधानी के राजकीय बाल गृह (शिशु) में सोमवार को एक आकस्मिक निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद देखा।
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बालगृह में गीजर लगे होने के बावजूद बच्चों को ठंडे पानी से नहलाया जा रहा था। यहां तक कि एक स्टाफ के बैग में वह सब्जियां मिलीं जो इन बच्चों को पकाकर खिलाने के लिए लाई गई थीं। 

बाल गृह में तीन महीने की बच्ची के हीटर से जलने की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद  महिला एवं बाल कल्याण विभाग के डिप्टी सीपीओ प्रभात रंजन, डीपीओ सर्वेश कुमार, हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के सदस्य अंशुमालि शर्मा, बाल कल्याण समिति सदस्य संगीता शर्मा और विभाग के विशेष सचिव रामकेवल सुबह-सुबह बालगृह पहुंच गए।
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अधिकारियों ने पड़ताल की तो सामने आया कि संस्थान में गीजर लगा है, लेकिन उसे बंद ही रखा जाता है। इसके लिए संस्थान के प्रभारी हरीश श्रीवास्तव और स्टाफ को फटकार लगाई गई। लेकिन स्टाफ पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ‘आज धूप निकल आई है, इसलिए बच्चों को नहलाया जा रहा है।’
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स्टाफ पर जल्द होगी कार्रवाई

डेमो - फोटो : demo pic
हीटर से जली बच्ची की हालत में सुधार है। अधिकारियों ने पाया कि बच्ची के पैर में फफोले निकल आए थे। घटना के बारे में स्टाफ ने टीम को बताया कि गर्म हवा से ऐसा हुआ है।

घटना के समय उस बच्ची की मालिश की जा रही थी। इस पर अधिकारियों ने पूछा कि मालिश करते समय गर्म हवा से अगर बच्ची का शरीर जल गया तो मालिश कर रही स्टाफ के हाथ क्यों नहीं जले? सीसीटीवी फुटेज जांचने की कोशिश की गई तो मालूम हुआ कि अधिकतर कैमरे बंद हैं और जो रिकॉर्डिंग हुई है, उसमें से भी अधिकतर डिलीट की जा चुकी है।

दल में शामिल अफसरों के मामले की जांच की जा रही है और निरीक्षण में मिले हालात पर भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इनके आधार पर दोषी पाए गए स्टाफ पर जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

तात्कालिक तौर पर यहां के प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं सभी स्टाफ को सभी बच्चों की जिम्मेदारी देने के बजाय रोस्टर से 10-10 बच्चों की जिम्मेदारी और जवाबदेही प्रति स्टाफ तय की जाए। 
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