ऐसे बच्चे जिन्हें उनके अपने छोड़कर चले गए, या जो अनाथ हैं, उनके साथ कैसा सुलूक हो रहा है, राजधानी के राजकीय बाल गृह (शिशु) में सोमवार को एक आकस्मिक निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद देखा।
बालगृह में गीजर लगे होने के बावजूद बच्चों को ठंडे पानी से नहलाया जा रहा था। यहां तक कि एक स्टाफ के बैग में वह सब्जियां मिलीं जो इन बच्चों को पकाकर खिलाने के लिए लाई गई थीं।
बाल गृह में तीन महीने की बच्ची के हीटर से जलने की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद महिला एवं बाल कल्याण विभाग के डिप्टी सीपीओ प्रभात रंजन, डीपीओ सर्वेश कुमार, हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के सदस्य अंशुमालि शर्मा, बाल कल्याण समिति सदस्य संगीता शर्मा और विभाग के विशेष सचिव रामकेवल सुबह-सुबह बालगृह पहुंच गए।
अधिकारियों ने पड़ताल की तो सामने आया कि संस्थान में गीजर लगा है, लेकिन उसे बंद ही रखा जाता है। इसके लिए संस्थान के प्रभारी हरीश श्रीवास्तव और स्टाफ को फटकार लगाई गई। लेकिन स्टाफ पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ‘आज धूप निकल आई है, इसलिए बच्चों को नहलाया जा रहा है।’