फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ में दिन-दहाड़े लूटा 85 लाख का सोना, 11 दिन बाद एफआईआर

Tue, 10 Jan 2017 02:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन
हनुमान सेतु पर बाइक सवार बदमाशों ने दिन-दहाड़े सराफा कारोबारी से 85 लाख रुपये का तीन किलो सोना लूट लिया। पीड़ित 29 दिसंबर को हुई इस सनसनीखेज वारदात की रिपोर्ट दर्ज कराने पीड़ित महानगर कोतवाली पहुंचा तो उसे टरका दिया गया।
विज्ञापन


पुलिस उसे एक थाने से दूसरे थाने तक चक्कर लगवाती रही। कई दिन तक भटकने के बाद सराफा कारोबारी ने एसएसपी मं‌जिल सैनी से मिलकर गुहार लगाई।

एसएसपी ने महानगर इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह को फटकार लगाते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। आखिरकार वारदात के 11वें दिन रविवार को पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। बदमाशों की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सहित पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं।

एसएसपी ने बताया कि चौक के पुष्पांजलि ज्वैलर्स के मालिक व विकासनगर सेक्टर 14 निवासी दाताराम वर्मा के शोरूम में 29 दिसंबर को अभिषेक नाम का युवक आया और एक अधिकारी का नाम लेते हुए तीन किलो सोना खरीदने की बात कही।
विज्ञापन

... और इस तरह लूट लिया

demo pic
उस वक्त शोरूम में दाताराम का भांजा आकाश और कर्मचारी मोनू, विक्की व मोहसिन थे। अभिषेक ने सोने की डिलीवरी के लिए हनुमान सेतु मंदिर के पास आने को कहा। आकाश ने दाताराम को फोन करके बड़े सौदे की जानकारी दी तो वह भी शोरूम आ गए।

भांजे, तीनों कर्मचारियों और अभिषेक के साथ सोना लेकर दाताराम हनुमान सेतु पहुंचे। वहां उपेंद्र प्रताप ने उन्हें माल दिखाने की बात कही। दाताराम ने वहां भीड़ होने की बात कही तो दोनों ने उन्हें यूको बैंक की यूनिवर्सिटी शाखा के पास चलने को कहा।

वहां पहुंचने पर उपेंद्र कैश के बदले डिमांड ड्राफ्ट थमाने लगा। दाताराम ने डिमांड ड्राफ्ट लेने से मना करते हुए उन्हें शोरूम चलने को कहा। इस पर दोनों युवक बहस और धक्का-मुक्की करने लगे।

बकौल एसएसपी, बदमाशों ने दाताराम से सोने से भरा बैग छीन लिया और लखनऊ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल की तरफ भाग गए। दाताराम ने शोर मचाया, लेकिन बदमाशों को पकड़ा नहीं जा सका।

छीना-झपटी में गिरा लुटेरों का मोबाइल फोन, अभिषेक-उपेंद्र का नाम आया

demo pic
पुलिस ने बताया कि सर्राफ से सोने से भरा बैग छीनने के दौरान हुई हाथापाई में एक बदमाश का मोबाइल फोन गिर पड़ा। हालांकि, इस बीच उसके हाथ सोने वाला बैग आ गया और बदमाश मोबाइल फोन छोड़कर भाग गए।

दाताराम ने मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया। पुलिस से कोई मदद नहीं मिलने पर सर्राफ ने खुद ही पड़ताल करते हुए बदमाशों उपेंद्र प्रताप सिंह और अभिषेक के नाम खोज लिए।

एफआईआर में दाताराम ने इन्हीं दोनों का जिक्र किया है। इसके अलावा सर्राफ ने एक बदमाश की फेसबुक प्रोफाइल से उसकी फोटो भी निकालकर पुलिस को सौंपी है। उपेंद्र बलिया के सतवर का रहने वाला है।

थानों के चक्कर लगवाती रही पुलिस

लूट का शिकार दाताराम वर्मा - फोटो : amar ujala
पीड़ित सर्राफ दाताराम लूट की शिकायत करने महानगर कोतवाली पहुंचे तो घटनास्‍थल चौक को बताते हुए उन्हें वहां भेज दिया गया। वे चौक कोतवाली पहुंचे तो कैसरबाग कोतवाली जाने की सलाह दी गई। कैसरबाग जाने पर उन्हें फिर से महानगर भेज दिया गया।

दाताराम दो दिन तक तीनों थानों के चक्कर लगाते रहे लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने एएसपी ट्रांसगोमती दुर्गेश कुमार से मिलकर शिकायत की।

एएसपी ने भी चौक क्षेत्र का मामला होने की बात कहते हुए दाताराम को वहीं भेज दिया।
विज्ञापन

बड़े अधिकारी ने ब्लैकमनी खपाने के लिए मंगाया था सोना

demo pic
वारदात 500-1000 रुपये के पुराने नोट जमा कराने की अंतिम तारीख के ठीक दो दिन पहले हुई। सर्राफ का कहना है कि शासन के एक बड़े अधिकारी ने सोना मंगाया था।

इससे यह आशंका जताई जा रही है कि अधिकारी ने पुरानी करेंसी के रूप में रखी ब्लैकमनी खपाने के लिए ही सोना मंगाया था। यह अधिकारी कौन है? उसके पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई?

इन सवालों के जवाब फिलहाल रहस्य के घेरे में हैं। सूत्रों के मुताबिक अधिकारी के रसूखदार होने के चलते ही पुलिस मामले को दबाने की कोशिश में जुटी रही। एफआईआर दर्ज होने के बाद सर्राफ भी उक्त अधिकारी का नाम लेने से हिचकिचा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें