एनकाउंटर मुद्दे पर विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा
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यूपी विधान परिषद के सभापति रमेश यादव ने सरकार को नोएडा के कथित एनकाउंटर की जांच सीबीआई से कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को विधान परिषद में विपक्ष ने इसकी मांग उठाई। इसके बाद सभापति ने सरकार से कहा कि नोएडा में हुए एनकाउंटर की जांच सीबीआई से कराए।
शून्यकाल में सपा सदस्य आनंद भदौरिया ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। हर दिन हो रही घटनाओं की नाकामी छिपाने के लिए सरकार एनकाउंटर का सहारा ले रही है। उन्होंने नोएडा में जिम ट्रेनर जितेंद्र यादव के साथ हुए कथित एनकाउंटर के साथ-साथ नोएडा में ही सुमित गुर्जर के एनकाउंटर और मथुरा में हुए तीन एनकाउंटर का मुद्दा उठाया।
एमएलसी जितेंद्र यादव ने भी इसका समर्थन किया। वहीं, संजय लाठर ने मथुरा में एनकाउंटर के दौरान 8 साल के बच्चे माधव की मौत और दो अन्य लोगों के एनकाउंटर का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि सीबीआई जांच से ही दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है। कांग्रेस के दिनेश सिंह ने कहा कि इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता वाली एसआईटी से कराई जानी चाहिए।
नेता सदन महेंद्र सिंह ने कहा कि नोएडा में एनकाउंटर नहीं हुआ था। दरोगा और जितेंद्र यादव के साथियों के आपसी विवाद में गोली चल गई थी जिसमें जितेंद्र जख्मी हो गया। यह कहा जाना कि दरोगा ने प्रमोशन पाने के लिए इस घटना को अंजाम दिया, सरासर गलत है क्योंकि दरोगा अभी ट्रेनी है। उसकी नौकरी भी पक्की नहीं हुई है। इसके बाद सभापति ने सरकार को निर्देश दिया कि नोएडा एनकाउंटर की सीबीआई जांच करा ली जाए। इस पर नेता सदन ने कहा कि एनकाउंटर के सभी मामलों की जांच कराई जा रही है। सभापति को यह निर्णय नहीं देना चाहिए था।