डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा
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सपा सदस्यों ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और किसानों का धान न खरीदे जाने के मुद्दे पर अलग-अलग समय पर सदन से वॉकआउट किया। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में आम लोगों की बिल्कुल भी नहीं सुनी जा रही। हालांकि, नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन, सपा सदस्य नरेश उत्तम पटेल और शशांक यादव ने लखीमपुर खीरी में जनवरी-फरवरी में अलग-अलग कई घटनाओं में बच्चियों की बलात्कार के बाद हत्या किए जाने का मामला उठाया। कहा कि पुलिस ने घर वालों को ही मुल्जिम बना दिया। इसकी सीबीसीआईडी जांच होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष अहमद ने वर्षवार आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
देवरिया में शेल्टर होम में महिलाओं के यौन शोषण की सीबीआई जांच की खुद सीएम ने घोषणा की थी, पर इसका अभी तक अता-पता नहीं है। यहां तक कि सपा सरकार में शुरू हुई महिला हेल्पलाइन 1090 को भी निष्क्रिय कर दिया गया है।
नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अपराध बढ़ने के आंकड़े गलत हैं। योगी सरकार के कार्यकाल में डकैती की घटनाओं में 42, हत्या की घटनाओं में 7, बलवा में 4 और अपहरण में 30 फीसदी की कमी आई। एससी-एसटी पर अत्याचार की घटनाओं में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है।
जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने वॉकआउट कर दिया। बसपा के दिनेश चंद्रा की मांग पर सभापति रमेश यादव ने लखीमपुर की घटनाओं की डीआईजी से अलग से जांच कराने के निर्देश दिए।