स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम की वीडियोग्राफी करवाने के योगी सरकार के आदेश पर मदरसों में नाराजगी है। मदरसे से जुड़े टीचर्स और प्रबंधकों का कहना है कि इससे गलत संदेश जा रहा है। बता दें कि यूपी मदरसा शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सभी मदरसों को 15 अगस्त के दिन तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने के निर्देश जारी किए थे।
जारी किए गए पत्र में लिखा था कि प्रदेश के सभी मदरसों में राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस का आयोजन निम्न कार्यक्रम के अनुसार किया जाए जिसमें सुबह 8 बजे- झंडा रोहण और राष्ट्रगान, सुबह 8.10 बजे- स्वतंत्रता संग्राम शहीदों को श्रद्धांजलि, स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालना सहित कई कार्यक्रमों की लिस्ट थी।
इस आदेश पर मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता का कहना है, कार्यक्रम की लिस्ट हर साल जारी होती है लेकिन इस साल वीडियोग्राफी का प्रावधान भी रखा गया है। इसका उद्देश्य किसी पर नजर रखना नहीं बल्कि आदेश में ये भी लिखा है कि अच्छे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
वहीं लखनऊ के काकोरी इलाके के मदरसे दारुल उलूम फारुकिया के प्रबंधक अली फारुकी का कहना है, हमारे यहां तो जबसे मदरसा है, तबसे इस लेटर आ रहा है। हमें वीडियोग्राफी से ऐतराज नहीं इस कदम से गलत संदेश जा रहा है। आजादी की लड़ाई तो मदरसों से ही शुरू हुई है। ऐसा करके आवाम को क्या संदेश देना चाहते हैं कि मदरसों में झंडा नहीं फहराया जाता? बार-बार शक पैदा कर रहे हैं ये गलत है। उन्होंने कहा कि अगर प्रोत्साहित करने के लिए ही ये आदेश दिया गया है तो स्कूलों की भी वीडियोग्राफी कराएं।
वहीं गोमतीनगर दारूल उलूम वारसिया मदरसे के प्रिंसिपल हाफिज सज्जाद का कहना है कि उन्हें वीडियोग्राफी से ऐतराज नहीं बशर्ते ये प्रोत्साहन की मंशा से ही करवाई जा रही है। अगर मंशा कुछ और है तो गलत है।