योगी ने कहा कि कोविड-19 की चेन को तोड़ने में मेडिकल टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखकर प्रदेश में टेस्टिंग कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। प्रतिदिन किए जाने वाले टेस्ट में एक तिहाई आरटीपीसीआर और शेष दो तिहाई रैपिड एंटीजन विधि से हों। बाहरी राज्य से आने वाले लोगों की प्रभावी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाए। रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की जाए।
रोज बैठक अनिवार्य
ई-संजीवनी एप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह कोविड चिकित्सालय में तथा शाम को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में अनिवार्य रूप से बैठक करने के निर्देश दिए।