साइबर जालसाजों ने कार्ड की क्लोनिंग तो कहीं क्यूआर कोड भेजकर खाते से रकम उड़ा दी। दोनों पीड़ितों ने गोमतीनगर विस्तार थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
गोमतीनगर विस्तार सेक्टर-6 स्थित एमआई रसल कोर्ट अपार्टमेंट निवासी अमित आदेश राय का बचत खाता आईसीआईसीआई बैंक में है।
एक जनवरी को वे वाराणसी में थे। इस दौरान जालसाज ने कार्ड का क्लोन बनाकर खाते से चार बार में 16 हजार रुपये पार कर दिए, जबकि कार्ड अमित के पासा था।
इसी अपार्टमेंट में रहने वाली बुजुर्ग शालिनी सिन्हा से भी ठगी का मामला सामने आया है। उनका बचत खाता आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में है।
सात जनवरी को कुछ सामान बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन अपलोड किया था। कुछ देर बाद कॉल आई और व्हाट्सएप पर एक क्यूआर कोड भेजा।
कहा कि मैडम आप क्यूआर कोड को पेटीएम पर लॉगिन करें, रुपये आ जाएंगे। शालिनी ने जैसे ही क्यूआर कोड स्कैन किया तो खाते से तीन बार में 45 हजार रुपये निकल गए।
ऑन लाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी
गोमतीनगर के विशालखंड-1 के संदीप बली ने बताया कि एक जनवरी को फेसबुक पर ऑनलाइन शापिंग कंपनी का विज्ञापन देखा। जैकेट बुक करने के बाद ऑनलाइन पेमेंट किया था। तय समय पर डिलीवरी न होने पर कस्टमर केयर पर कॉल की तो जालसाज ने रुपये वापसी का झांसा देकर खाते की जानकारी ली और 16 हजार रुपये पार कर दिए।
जालसाज दंपती ने फाइनेंस कंपनी को लगाया 22 लाख का चूना
मकान का लोन चुकाने के लिए जालसाज दंपती एजाज अहमद और सीमा बेगम ने निजी कंपनी मैग्मा फाइनेंस को 22 लाख रुपये का चूना लगा दिया। जांच में पता चला कि जालसाजों ने जिस प्रॉपर्टी पर लोन कराया है। उसके दस्तावेज पहले ही किसी निजी वित्तीय संस्थान में बंधक रखे गए हैं। किस्तें न मिलने पर फाइनेंस कंपनी ने हजरतगंज कोतवाली में ठग दंपती के अलावा अंजली गुप्ता, राम नवल और आर्य गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक, हलवासिया कॉमर्स हाउस में मैग्मा फाइनेंस का दफ्तर है। कंपनी में सहायक प्रबंधक सेल्स के पद पर तैनात अमरेश कुमार के मुताबिक, बंथरा के सिकंदरपुर निवासी एजाज और सीमा निवासी ने इंडिया इंफोलाइन होम फाइनेंस से 12 लाख का लोन पास कराया था। जिसका रीपेमेंट करने के लिए सिकंदरपुर स्थित मकान के कागज मैग्मा फाइनेंस में पेश किए। जांच के बाद 22 लाख का लोन 30 जनवरी 2020 को स्वीकृत किया गया था, लेकिन दंपती ने इंडियो इंफोलाइन में बंधक दस्तावेज नहीं दिए। आरोपी के किस्तें न चुकाने पर छानबीन कराई गई। इसमें पता चला कि आरोपी ने नौ मार्च 2020 को ही नो ड्यूज एनओसी लेकर संपत्ति बंधन मुक्त करा ली थी। इसके बाद एजाज को कई नोटिस भेजे, लेकिन जवाब नहीं मिला। सिकंदरपुर स्थित पते पर कंपनी के अधिकारी पहुंचे तो पता चला कि दंपती ने मकान अंजली गुप्ता को बेच दिया है। इस खेल में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बिजली बिल कम कराने का झांसा दे 62 हजार ठगे
बिजली का बिल कम कराने के नाम पर जालसाजों ने जानकीपुरम सेक्टर-9 निवासी सुबोध कुमार से 62 हजार रुपये ठग लिया। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है।
सुबोध के अनुसार, घर का बिजली बिल 79232 रुपये बकाया था। आरोप है कि मामले में सेक्टर-सी निवासी विकास गौतम ने खुद को सविंदाकर्मी बताकर बिल कम कराने के संबंध में उनकी मुलाकात गुडंबा निवासी अंकित श्रीवास्तव व राहुल से कराई। अंकित व राहुल ने उन्हें बिल कम कराकर जमा कराने का झांसा लेकर 62000 रुपया लिया और काम नहीं कराया। पीड़ित ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
लोन दिलाने के नाम पर 97 हजार ठगे
पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर जालसाजों ने जानकीपुरम सेक्टर-6 निवासी स्वप्निल वर्मा से एक व्यक्ति से 97 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित ने जानकीपुरम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित ने प्रिया तिवारी नाम की युवती और हरियाणा के फरीदाबाद निवासी विष्णु शंकर ओझा पर आरोप लगाया है।
ऑनलाइन शॉपिंग में रिटायर्ड ने गवाएं 62 हजार
जानकीपुरम सेक्टर-एफ के रहने वाले रिटायर्ड सीएमओ डॉ. राजेश गुप्ता को ऑन शॉपिंग महंगी पड़ गई। उन्होंने मोबाइल खरीदा था। जालसाजों ने इंग्लैंड से माल आने में देरी की बात कहकर 62100 रुपये ठग लिए। पीड़ित ने जानकीपुरम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
जाली दस्तावेज तैयार कर 50 लाख में बेचा मकान
विभूतिखंड के विनम्रखंड स्थित एक मकान का सौदा जालसाजों ने 50 लाख रुपये में कर दिया। इसके फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री तक कर दी गई। ठगी का पता तब चला जब मकान खरीदने वाला रहने पहुंचा। पीड़ित ने आरोपी दंपती, उनके बेटे और व दो बेटियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक राजकिशोर पांडेय के मुताबिक, ऐशबाग के नवाबगंज सुधीर चंद्र मिश्रा ने बताया कि विनम्रखंड में मकान की जानकारी मिली थी। पता चला कि मकान छोटा भरवारा निवासी उमरावती कुशवाहा का है। मुलाकात के दौरान उमरावती का पति उमेश, बेटा और बेटियां मौजूद थीं। सौदा तय होने के बाद सुधीर ने दंपती के बताए खातों में 50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए और आरोपियों ने रजिस्ट्री कर दी। शिफ्ट होने से पहले मकान में कुछ निर्माण शुरू कराया तो पड़ोसियों से पता चला कि यह मकान उमरावती का नहीं है। पूछताछ करने जानकारी मिली कि उमरावती ने जाली कागज तैयार कर मकान बेचा है। इसके बाद पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया।
महिला को नशीला पदार्थ पिला 22 लाख हड़पे
काकोरी के जेहटा निवासी प्रेमा उर्फ रजनी को रविवार को नशीला पदार्थ पिलाकर अलमारी में रखे 22 लाख रुपये लेकर आरोपी फरार हो गया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस जांच में जुट गई है। पीड़िता ने बताया कि हरदोई निवासी आरोपी कपूरथला स्थित एक निजी अस्पताल में गार्ड की नौकरी करता है और उसके घर पर तीन साल से रह रहा था। इंस्पेक्टर जितेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जाली कागज लगा बैंक ऑफ इंडिया से 52 लाख का लोन लेकर हड़पा
जाली दस्तावेज लगाकर शातिरों ने व्यापार व वाहन के लिए बैंक ऑफ इंडिया से 52 लाख का लोन लेकर हड़प लिया। बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक आलोक दीक्षित ने महानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक, आलोक के मुताबिक 2011 में पार्वती इंटरप्राइजेज चलाने वाले संतोष शर्मा ने व्यापार बढ़ाने के नाम पर 40 लाख का लोन लिया। संतोष की पत्नी अंजलि और पिता रामजी गवाह बने। संतोष के साथ ही अंजलि ने वाहन खरीदने के लिए 12 लाख का लोन कराया। इसके लिए एक जमीन के दस्तावेज बंधक रखे थे। 2015 से किस्तें बंद हुईं तो नोटिस भेजा, लेकिन जवाब नहीं मिला। दस्तावेजों की जांच की फर्जी निकले। कोर्ट के आदेश पर महानगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, दिलीप कुमार वर्मा ने वाहन के लिए बैंक से 5.75 लाख रुपये का लोन कराया था। दिलीप ने आरसी की जाली प्रति बैंक में जमा कर दी थी।