ऐशबाग जलकल में 60 एमएलडी क्षमता का नया वाटर ट्रटमेंट प्लांट बन रहा है और मार्च तक तैयार हो जाएगा। इसका फायदा स्मार्ट सिटी योजना में करीब 50 हजार घरों और करीब दो लाख की आबादी को होगा। प्लांट चालू होने के बाद इन्हें 24 घंटे पानी की आपूर्ति होगी। यह शहर का पहला ऐसा इलाका होगा जहां चौबीस घंटे सातों दिन पानी की आपूर्ति होगी और पानी खर्च के आधार पर ही उस क्षेत्र के लोगों को बिल देना पड़ेगा।
स्मार्ट सिटी योजन के तहत बनाए गए इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जिन वार्डों को फायदा होगा उनमें गोलागंज पीरजलील, वजीरगंज रानी लक्ष्मी बाई, जगदीश चंद्र बोस, हजरतगंज, यदुनाथ सान्याल व निशातगंज वार्ड शामिल हैं। स्मार्ट सिटी योजना में एरिया बेस्ड डवलपमेंट में कुल एरिया 813 एकड़ है। इसमें कैसरबाग, हुसैनगंज के बायीं ओर का क्षेत्र, शिवाजी मार्ग, लाटूश रोड, बर्लिंग्टन चौराहे से बायीं ओर कैंट रोड, बीएन रोड, लालबाग, नावेल्टी, भोपाल हाउस, हलवासिया, परिवर्तन चौक, हाईकोर्ट, जिलाधिकारी कार्यालय, राजस्व परिषद, रेजीडेंसी चौराहा और उससे बायें रीवर बैंक कालोनी व उसके पास का इलाका शामिल है और उन्हीं इलाकों में यह विशेष पेयजल आपूर्ति होगी।
ये काम भी होंगे
स्मार्ट सिटी एरिया में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए ऐशबाग जलकल में 60 एमएलडी का अलग वाटर ट्रीटमेंट प्लाट बनाए जाने के अलावा अमीनाबाद में एक नया जोनल पम्पिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा। उसके लिए ऐशबाग जोनल पम्पिंग स्टेशन से 700 एमएम व्यास की एक राइजिंग मेन पाइपलाइन अमीनाबाद तक लाई जाएगी, जिसे वहां से लालाबग जोनल पम्पिंग स्टेशन तक लाया जाएगा।
प्रोजेक्ट से यह होगा फायदा
अमीनाबाद क्षेत्र के पार्षद शफीकुर्रहमान चचा, जेसी बोस वार्ड केपार्षद यावर हुसैन रेशू, हजरतगंज वार्ड के पूर्व पार्षद प्रदीप कनौजिया कहते हैं कि उनके वार्ड की पेयजल पाइपलाइन बहुत पुरानी है। आए दिन लीकेज की समस्या होती है, जिससे पानी भी दूषित हो जाता है। लालकुआं और वजीरगंज इलाके में भी पाइपलाइन पुरानी होने के कारण पेयजल की समस्या आती रहती है, जिसको लेकर इस प्रोजेक्ट केलिए काफी प्रयास किया गया था।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है और मार्च तक यह चालू हो जाएगा। इस प्लांट से पानी स्मार्ट सिटी एरिया में ही दिया जाएगा। वहां पर 24 घंटे आपूर्ति की जानी है। यह नया प्लांट जब चालू हो जाएगा तो अभी जो पानी वहां पर दिया जा रहा वह बचेगा तो उसका उपयोग शहर के अन्य इलाकों मे किया जाएगा।
- एसके वर्मा, महाप्रबंधक जलकल