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दो लाख युवाओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण: युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए कॉलेजों में शुरू होगा ऑनलाइन उद्यमिता कोर्स

Thu, 07 Apr 2022 03:54 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने दो लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है। माटी कला बोर्ड और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत प्रशिक्षण पाने वालों की संख्या दोगुनी की जाएगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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'हर परिवार, एक रोजगार/स्वरोजगार' योगी सरकार-2 का संकल्प है। ऐसा तभी संभव है जब युवा खुद का उद्यम लगाकर उद्यमी बनें। इसमें स्थानीय स्तर पर और युवाओं को भी रोजगार दें। युवाओं को उद्यमी बनाने में सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के साथ-साथ एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इन योजनाओं के जरिए युवा उद्यमी बनने के लिए प्रेरित हों, सरकार की मंशा भी यही है। इस पर काम भी शुरू हो चुका है। इसमें प्रशिक्षण और प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं को समय से उदार शर्तो पर जरूरी पूंजी उपलब्ध कराने की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

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यह कैसे हो इसके लिए कवायद भी शुरू हो चुकी है। इस क्रम में कॉलेज स्तर पर सरकार उद्यम लगाने के इच्छुक युवाओं के लिए तय घण्टे का एक ऑनलाइन उद्यमिता पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के जरिए प्रशिक्षण पाने वालों को सरकार से संबंधित संस्था प्रमाण पत्र देगी। इनमें से उद्यम लगाने के इच्छुक युवाओं को बैंक लिंकेज से लेकर जरूरत के अनुसार अन्य मदद भी सरकार की ओर से की जाएगी।

इसी तरह माटी कला बोर्ड और विश्वकर्मा श्रम सम्मान के तहत प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं की संख्या भी दोगुनी की जाएगी। प्रशिक्षण के लिए आने वाले युवाओं को बैंक से उद्यम लगाने के लिए पूंजी पाने में दिक्कत न हो इसके लिए बैंकों से पहले ही विभाग के जिम्मेदार लोग समन्वय बनाकर लोन की एप्लीकेशन मंगवा लेंगे। प्रशिक्षण के बाद इच्छुक युवाओं से प्रशिक्षण केंद्र पर ही फॉर्म भरवा लिए जाएंगे।
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स्थानीय अधिकारी युवा उद्यमी के खाते में जब तक लोन का पैसा नहीं चला जाता तब तक लगातार बैंक से समन्वय बनाए रखेंगे। चूंकि एक परिवार एक रोजगार का लक्ष्य बड़ा है लिहाजा उम्मीद की जाती है कि इन योजनाओं के जरिए प्रशिक्षण के इच्छुक युवाओं के पहले बैच का चयन अप्रैल में हो जाए और मई के पहले हफ्ते से खादी के स्थानीय केंद्रों पर प्रशिक्षण की शुरुआत भी हो जाय।

सरकार द्वारा अगले दो साल में दो लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर उद्यमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मालूम हो कि योगी सरकार-1 में प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया था। अकेले ओडीओपी योजना से 25 लाख से अधिक रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हुए थे।

अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल का कहना है कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की संभावनाओं के मद्देनजर ही चुनाव के ठीक पहले भाजपा की ओर से जारी लोककल्याण संकल्पपत्र-2022 में ओडीओपी के जरिए अगले पांच वर्षों में निर्यात एवं रोजगार के अवसरों को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उसी क्रम में विभाग ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है।

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