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जुदा होंगे भाई, तब आएगी दिल्ली से दुल्हनिया, कौन बनेगा दामाद, सस्पेंस बरकरार

Sat, 09 Feb 2019 02:34 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अब ज्यादा दिन का नहीं है साथ, जय और विजय को होना होगा दूर - फोटो : अमर उजाला
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प्राणि उद्यान में जल्द ही एक अजब सी भावुक स्थिति आने वाली है। सफेद बाघों के लिए भी और उनके चाहने वालों के लिए भी। अगस्त 2016 से जू में पैदाइश के बाद से साथ रहे सफेद बाघों के शावक अब करीब ढाई साल के हो चले हैं।
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उनके लिए जीवनसाथी की तलाश पूरी हो चुकी है। दिल्ली प्राणि उद्यान के साथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आने वाली बाघिन जय-विजय में से किसी एक की जीवनसंगिनी बनेगी। इसी के तहत जय या विजय में से एक दिल्ली प्राणि उद्यान भेजे जाएंगे।

लखनऊ के प्राणि उद्यान में जल्द ही एक अजब सी भावुक स्थिति आने वाली है। एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत दो सफेद बाघों में से एक को दिल्ली प्राणि उद्यान भेजा जाएगा।
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जय या विजय...कौन बनेगा दामाद

दिल्ली से आने वाली बाघिन जय या विजय में से किसी एक की जीवनसंगिनी बनेगी। ये जू प्रशासन तय करेगा। दोनों भाइयों से जो दिल्ली जाएगा, उसका भी घर वहां बसाया जाएगा। हालांकि कौन जाएगा यह भी तय नहीं है। 

 निदेशक प्राणि उद्यान, आरके सिंह ने बताया कि एक्सचेंज को लेकर कागजी कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। कुछ औपचारिकताओं के पूरी होने के बाद आने वाले हफ्तों में ये एक्सचेंज पूरा हो सकता है। जय और विजय आर्यन और विशाखा के जुड़वा बेटे हैं।

बीते दिनों लखनऊ जू में हुई जू डाइरेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिल्ली व लखनऊ प्राणि उद्यान के निदेशकों के बीच वार्ता हो चुकी है। प्राथमिक स्तर की बात के बाद अब अगले साल में जरूरी कार्रवाई के बाद से कवायद जारी है।

कुछ कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है, बाकी पर काम चल रहा है। फिलहाल जू केसफेद बाघों के बाड़े में एक वयस्क मादा विशाखा और अलग बाड़े में उसके दोनों बेटे रह रहे हैं। आर्यन के जाने के बाद से विशाखा के लिए जीवन साथी नहीं खोजा सका है, जिससे सफेद बाघों के कुनबे पर ब्रेक लगी है।
 
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