लखनऊ। एलडीए और आवास विकास की तरह अब नगर निगम और जलकल विभाग में भी एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) आने वाली है। इसको लेकर शासन ने नगर निगम और जलकल विभाग से बकाया टैक्स की रिपोर्ट मांगी थी, जिसे शासन भेज भी दिया गया है। यदि ओटीएस योजना लागू हुई तो करीब ढाई लाख भवनस्वामियों को फायदा होगा।
नगर निगम बकाया गृहकर पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज लेता है। यदि टैक्स फिर भी जमा नहीं होता तो जो 15 प्रतिशत ब्याज लगता है, मूल टैक्स में जोड़कर बकाया बना दिया जाता है और नए साल में उस पर 15 प्रतिशत ब्याज लगता है। यानि यह चक्रवृद्धि ब्याज की तरह चलता है। ऐसे में जो लोग टैक्स जमा नहीं करते, उन पर ब्याज बढ़ता जाता है।
कई बार निगम कर्मचारी भी कई साल पीछे से गृहकर रिवाइज कर देते हैं। उस पर ब्याज भी उसी तरह लगा देते हैं। नगर निगम की ओर से शासन को जो रिपोर्ट भेजी गई है, उसमें कहा गया है कि नगर निगम का भवनस्वामियों पर ब्याज सहित करीब 700 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है, जिसमें करीब 100 करोड़ रुपये ब्याज है। इसी तरह जलकल विभाग का सरचार्ज सहित 110 करोड़ रुपये जलकर व सीवर कर बकाया है।
पूरा ब्याज हो सकता है माफ
2019 में जब नगर निगम और जलकल विभाग के लिए ओटीएस योजना आई थी, उसमें ब्याज पूरा माफ किया गया था। इसके अलावा समय से जमा करने पर छूट भी दी गई थी। योजना तीन महीने के लिए आई थी। उसके बाद साल 2022 में ओटीएस योजना को लेकर शासन में कवायद शुरू हुई थी, मगर आई नहीं। ऐसे में अब योजना आने की उम्मीद ज्यादा है, क्योंकि इन दिनों एलडीए और आवास विकास में भी योजना चल रही है।
शासन करेगा आदेश
जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि शासन ने रिपोर्ट मांगी थी, जो भेज दी गई है। इसी तरह नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अशोक सिंह और विनय राय ने बताया कि नगर निगम ने भी शासन को जानकारी भेज दी है। शासन जब आदेश करेगा, ओटीएस योजना लागू कर दी जाएगी।