मेट्रो परियोजना मंगलवार को एक कदम और आगे बढ़ गई। एलडीए ने इस साल अपने हिस्से की 20 करोड़ रुपये की किस्त मेट्रो के लिए जारी कर दी।
दूसरी ओर, कंपनी तय करने के लिए जो ऑफर डॉक्यूमेंट भी उपसमिति की परख के बाद लगभग फाइनल किया जा चुका है।
ऐसे में अब उम्मीद है कि नए साल के पहले सप्ताह में मेट्रो रेल परियोजना के लिए कंपनी तय की जा सकती है। इसके बाद में निर्माण कार्य शुरू किए जा सकेंगे।
डीएमआरसी पहले ही अपने बोर्ड में एक सहायक कंपनी का प्रस्ताव लाने का फैसला कर चुकी है। दिल्ली के बाहर यही कंपनी मेट्रो का काम करेगी।
एलडीए ने 20 करोड़ रुपये लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन के पक्ष में मंगलवार को जारी कर दिए। जिससे एलएमआरसी को अपने खर्च के लिए अब एलडीए पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
एलएमआरसी के अकाउंट में धन होगा और अपने खर्च कंपनी खुद करेगी। इस तरह से 31 मार्च-2014 तक जो 90 करोड़ रुपये कंपनी को मिलने हैं, उसमें से 20 करोड़ रुपये मिल गए हैं।
अब यूपीएसआईडीसी भी बहुत जल्द ही किस्त जारी कर देगा। आवास विकास से भी धन बहुत जल्द ही मिल जाने की उम्मीद की जा रही है।
एलडीए उपाध्यक्ष एमपी अग्रवाल ने मंगलवार दोपहर एलएमआरसी के लिए 20 करोड़ रुपये जारी करने के लिए बनाई गई फाइल पर साइन कर दिए। बहुत जल्द ही यह रुपया कंपनी के खाते में आ जाएंगे।
इससे पहले उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) ने भी मेट्रो रेल परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये का अंशदान करने का फैसला अपनी बोर्ड मीटिंग में कर लिया था।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में इस आशय के प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी। इसमें पहले साल में यूपीएसआईडीसी 10 करोड़ रुपये देगा।
सरकार ने भी अनुपूरक बजट में 20 करोड़ रुपये परियोजना के लिए तय कर दिए हैं। आवास विकास परिषद को 50 करोड़, लखनऊ विकास प्राधिकरण को 20 करोड़ रुपये देने हैं।
इसके अलावा आवास विकास परिषद की ओर से भी कहा गया है कि पांच करोड़ रुपये मेट्रो की कंपनी के लिए जारी कर दिए गए हैं।
एलएमआरसी के एमडी राजीव अग्रवाल ने बताया कि, यह काम लगभग फाइनल हो चुका है। इसी के डॉक्यूमेंट के आधार पर कंपनी फाइनल की जाएगी।