आरटीई के तहत स्कूल बदलने का मौका, कई बच्चों को आवंटित हो गए हैं दूसरे वार्ड के स्कूल
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दाखिले के लिए दोबारा शुरू हो रही प्रक्रिया में वे अभिभावक अपने बच्चों का स्कूल बदलने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिनको गलत स्कूल आवंटित हो गए हैं। विभाग की मानें तो ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुक्रवार रात से शुरू हो जाएगी।
आरटीई के पहले चरण की दाखिले की प्रक्रिया में 19,606 अभिभावकों ने अपने बच्चों के लिए आवेदन किया था। जबकि निजी स्कूलों में 17,476 सीटें हैं। आवेदनों में से 10,856 बच्चों को स्कूल आवंटित हुए। बाकी रिजेक्ट हो गए। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमर कांत सिंह ने बताया कि कुछ अभिभावकों द्वारा कम विकल्प भरने, गलत पता देने, गलत जानकारी देने आदि के कारण आवेदन रिजेक्ट हुए थे। दूसरे चरण की प्रकिया में इन सभी को दोबारा आवेदन का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा वे अभिभावक भी आवेदन कर सकते हैं जो पहले चरण में छूट गए थे। ऐसे तमाम अभिभावक हैं जिनके बच्चों को गलत वार्ड के स्कूल आवंटित हो गए हैं। बीएसए ने बताया कि गलत स्कूल आवंटित होने के दो कारण हैं। एक तो ऑनलाइन आवेदन करते समय अभिभावकों ने साइबर कैफे से प्रक्रिया पूरी की। संचालक ने जो विकल्प भर दिया, उसी में से स्कूल आवंटित हो गए।
वहीं कुछ अभिभावकों ने जानबूझकर गलत पता डाला। उन्होंने अच्छे स्कूल की चाह में अपने निवास स्थान से इतर गलत वार्ड फीड कर दिया। अब सत्यापन में ऐसे अभिभावकों के बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा है। बीएसए ने बताया कि ऐसे सभी अभिभावक अब स्कूल बदल सकते हैं। विभाग मैनुअली स्कूल नहीं बदल सकता। इन अभिभावकों को दोबारा ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन में जो स्कूल आवंटित किया जाएगा अब उसे दोबारा बदला नहीं जाएगा।
दाखिलों का आंकड़ा नहीं
आरटीई के अंतर्गत 10586 बच्चों को स्कूल तो आवंटित कर दिए गए, लेकिन इनमें से कितने बच्चों के दाखिले हुए इसका विभाग के पास कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। दरअसल ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया बंद रही। अब स्कूल खुले हैं तो अभिभावक दाखिले के लिए पहुंच रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि दाखिले के लिए उन्हें खूब दौड़ाया जा रहा है। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार स्कूलों ने अभी तक दाखिला लेने वाले बच्चों की सूची नहीं भेजी है।