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सेना के नायक ने ही लीक कराया था पेपर, गिरफ्तार

Wed, 27 Apr 2016 02:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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गिरफ्तार आरोपी। - फोटो : amar ujala
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सेना में ट्रेडमैन भर्ती परीक्षा का पेपर सेना के नायक ने ही लीक कराया था। एसटीएफ ने इस मामले में नायक प्रवीण विश्वास जगताप को राजधानी के कैंट इलाके से सोमवार देर रात गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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प्रवीण के मोबाइल फोन के वॉट्सएप पर सेना भर्ती के दो पेपर मिले। ये पेपर कई लोगों को फॉरवर्ड किए गए थे। महाराष्ट्र के सतारा का रहने वाला प्रवीण गुजरात के जामनगर स्थित 9 मराठा रेजिमेंट में तैनात है।

वर्तमान में वह बांबे इंजीनियरिंग ग्रुप खड़की सेंटर पुणे से संबद्ध है। प्रवीण ने पूछताछ में वाराणसी और अमेठी के सूबेदार मेजर का नाम लिया है। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सेना के कई बड़े अधिकारी शामिल हो सकते हैं।
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एसटीएफ के एएसपी एस. आनंद ने बताया कि प्रवीण को सोमवार रात कैंट स्थित सोमनाथ द्वार के पास से पकड़ा गया। उसके पास दो मोबाइल फोन मिले। एक में मुंबई जबकि दूसरे में पूर्वी यूपी का सिमकार्ड लगा था। उसके वॉट्सएप पर कई लोगों को फॉरवर्ड किए गए दो पेपर मिले। इनके स्क्रीन शॉट्स सुरक्षित रखकर मोबाइल फोन सील कर दिए गए हैं।
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इस तरह पर्चा हुआ लीक और आरोपी तक पहंचे

उन्होंने बताया कि कैंट स्थित आर्मी भर्ती बोर्ड कार्यालय के प्रभारी कर्नल विपिन कुमार मल्ल ने कैंट थाने में एफआईआर कराई थी। कार्यालय में ही तैनात नायब सूबेदार जसीराम ने रविवार को वॉट्सएप पर पेपर की कॉपी भेजकर उन्हें पर्चा लीक की जानकारी दी थी।

उसी दिन, सुबह साढ़े नौ बजे फैजाबाद सेंट्रल कमांड से आर्मी इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने भी कर्नल विपिन को फोन कर पेपर लीक होने के बारे में बताया। पेपर लीक कांड की छानबीन कर रही एसटीएफ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से प्रवीण तक पहुंची।

प्रवीण ने लिए दो एआरओ के नाम
प्रवीण जगताप पेपर लीक कांड की सबसे छोटी मछली है। उसने पूछताछ में बताया कि वाराणसी के एरिया रिक्रूटमेंट ऑफिस (एआरओ) में तैनात सूबेदार मेजर राजेश कुमार यादव और अमेठी के एआरओ के सूबेदार मेजर गुरचरन सिंह ने उसे वॉट्सएप पर पेपर भेजे थे। जांच एजेंसियों का ध्यान भटकाने के लिए प्रवीण से महाराष्ट्र से ही पेपर को फॉरवर्ड करने को कहा गया था।

दो बार लीक कर चुका है पेपर

गिरफ्तार नायक प्रवीण वर्ष 2014-15 में लखनऊ के कैंट स्थित जोनल रिक्रूटमेंट ऑफिस (जेडआरओ) में तैनात था। जेडआरओ का प्रभारी कर्नल रैंक का अधिकारी होता है। आर्मी भर्ती के पेपर यहीं बनाए जाते हैं।

यहां तैनाती के दौरान ही प्रवीण दो बाबू के संपर्क में आया और उनकी मदद से वर्ष 2014 में ट्रेडमैन परीक्षा का पेपर लीक किया था।

एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि तब प्रवीण को दो लाख जबकि बाबू व उसके एक अन्य साथी को सात लाख रुपये मिले थे। वर्ष 2015 में उसने वाराणसी के सूबेदार मेजर राजेश कुमार यादव की मदद से जनरल ड्यूटी का पेपर लीक किया था। हालांकि, तब ऐन वक्त पर पता चल गया और पेपर बदल दिया गया था।

आधा किलो सोने का जेवर पहना है
प्रवीण सोने के जेवरों का बड़ा शौकीन है। वह गले में सोने की 100 से 150 ग्राम की तीन-चार चेन व लॉकेट और अंगुलियों में रत्नजड़ित भारी-भरकम अंगूठियां पहनता है। कैंट एसओ अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि प्रवीण के पास से 9200 रुपये, सेना का कैंटीन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, लखनऊ के पते से बनवाया गया आधार कार्ड और कई एटीएम कार्ड मिले हैं।
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फ्लाइट से आया था पर्चा लीक का पैसा लेने

एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि प्रवीण सोमवार रात फ्लाइट से लखनऊ आया था। उसे जेडआरओ के दो बाबू से मिलकर पेपर लीक करके वसूली गई रकम में हिस्सा लेना था।

प्रवीण के एक्सिस बैंक में दो व एचडीएफसी और एसबीआई में चार खातों का पता चला है। इनमें कितने रुपये हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही खाते सीज करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

जनरल ड्यूटी का पेपर भी लीक हुआ पर मिल नहीं रहा
रविवार को आर्मी भर्ती में स्वीपर, फालोअर और जनरल ड्यूटी की तीन परीक्षाओं का आयोजन था। एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि तीनों ही पेपर लीक हो गए थे।

स्वीपर व फालोअर के पेपर तो मिल गए थे, लेकिन जनरल ड्यूटी का अभी नहीं मिल सका है। एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस के अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जनरल ड्यूटी का पेपर किस-किस को भेजा गया।
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