लखनऊ। भारतीय खाद्य निगम में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह ने 40 से अधिक युवकों से 1.75 करोड़ रुपये ठगे हैं। गिरोह का एक सदस्य पांच दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक महानगर प्रदीप सिंह के मुताबिक, सोमवार को अतिरिक्त निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह की टीम ने एफसीआई में नौकरी दिलाने केनाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य अभिशेष उर्फ अभिषेक दूबे को गिरफ्तार किया। अभिषेक मूलरूप से सुल्तानपुर के दामोदरपुर का रहने वाला है। वह लखनऊ में मल्हौर के न्यू एमिटी के पास रहता है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, मनीष कुमार राय ने 14 जून को केस दर्ज कराया था कि संजू उर्फ आलोक श्रीवास्तव सहित 11 लोगों ने उनके परिवार के बेरोजगार युवकों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगे थे। पुलिस ने केस दर्ज कर पड़ताल शुरू की तो सामने आया कि इस गिरोह ने 40 से अधिक युवकों से 1.75 करोड़ रुपये ठगे हैं।
तीन किस्तों में वसूलते थे रुपये
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, आरोपी अभिषेक से पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेरोजगारों को विज्ञापन दिखाते थे। इसके बाद उनसे नौकरी दिलाने के लिए 8 लाख रुपये में सौदा तय करते थे। तय रकम तीन किस्तों में वसूलते थे। प्रशिक्षण के नाम पर पांच महीने तक नोएडा व दिल्ली के एफसीआई गोदाम में भेजते थे जहां के कुछ कर्मचारी इस गिरोह के संपर्क में रहते थे। वहां पर फर्जी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज होती थी। इसके बाद अन्य लोगों को फंसाने के लिए दो-दो महीने का वेतन भी 24 हजार रुपये प्रति माह खाते में जमा करवा देते थे, ताकि लोगों को भरोसा हो जाए। पुलिस के मुताबिक, अभी इस गिरोह के करीब 10 सदस्यों की तलाश की जा रही है।