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मनकामेश्वर व हनुमान मंदिर को उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार

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लखनऊ। अलीगंज के बड़े हनुमान मंदिर और मनकामेश्वर समेत राजधानी के कई बड़े धार्मिक स्थलों को उड़ाने की धमकी देने के आरोपी मो. शफीक को पुलिस ने बृहस्पतिवार को दबोच लिया। उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। शफीक मूलरूप से दिल्ली के अखाड़ा सीलमपुर में के-ब्लॉक का रहने वाला है। फिलहाल लखनऊ में बीकेटी के भीखापुरवा में किराए के मकान में रह रहा था।
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एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक, शफीक ने कुबूला है कि दहशत फैलाने के लिए उसने पत्र भेजा था। वह ग्रामीण व नव विकसित इलाके में रहने वाले संप्रदाय विशेष के लोगों का ब्रेनवॉश करता था। अपने जाल में फंसाने के बाद उग्रवाद व धार्मिक उन्माद के लिए उकसाता था। वहीं, कुछ लोगों को धर्म बदलने के लिए भी उकसाता था। आरोपी शफीक धर्मांतरण गिरोह व देवबंद से ताल्लुक रखता है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। आरोपी से एटीएस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। पुलिस पता लगा रही है कि शफीक का किसी आतंकी गिरोह से तो ताल्लुक नहीं है।
एडीसीपी के मुताबिक, एक अगस्त को हनुमान मंदिर के प्रबंधन की तरफ से तहरीर मिली थी कि हसनगंज खदरा के मदेयगंज निवासी जोगिंदर सिंह के नाम से एक रजिस्टर्ड डाक से मिले पत्र के जरिए धमकी दी गई थी कि गिरफ्तार मुजाहिदों को 14 अगस्त तक रिहा कर दिया जाए। वर्ना 15 अगस्त से कहर बरपाया जाएगा। यह भी कहा गया था कि दस लोगों की सूची तैयार है, उसमें कुछ आरएसएस के बड़े पदाधिकारी भी हैं। पत्र की भाषा बेहद संवेदनशील और भड़काऊ थी जिसमें महिलाओं के लिए भी अपशब्द लिखे गए हैं। पत्र जिस लिफाफे में आया, उस पर त्रिवेणीनगर के उप डाकघर की मुहर लगी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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फुटेज ने खोला राज, कर रहा था गुमराह
प्रभारी निरीक्षक अलीगंज पन्ने लाल यादव के मुताबिक, टीम ने 25 से 30 जुलाई के बीच के उप डाकघर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 27 जुलाई की दोपहर में करीब दो बजे उप डाकघर के एक सीसीटीवी कैमरे में शफीक हाथ में लिफाफा लेकर जाते दिखा। इसके बाद पुलिस ने कुछ अन्य सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें शफीक की संदिग्ध हरकतें दिखीं। पुलिस के मुताबिक, वारदात के खुलासे के लिए करीब 37 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। बृहस्पतिवार को पुरनिया फ्लाईओवर के नीचे से मो. शफीक को गिरफ्तार किया गया तो वह गुमराह करने लगा। आरोपी के घर में खाना बनाने वाले नौकर को भी हिरासत में लिया गया था। उसने फुटेज देखकर पुष्टि की। शफीक के सामने फुटेज से मिलान किया। सख्ती के बाद शफीक ने कई राज उगले।
धमकी भरे पत्र की प्रति व अन्य दस्तावेज बरामद
एसीपी अलीगंज अखिलेश कुमार सिंह के मुताबिक, शफीक की तलाशी में धमकी भरे पत्र की प्रति मिली है। इसके अलावा रजिस्ट्री की रसीद सहित कई अहम दस्तावेज मिले जिनमें दो मोबाइल, एक देवबंद व रूढ़िवादी इस्लामी विचारधारा के कागज की 15 प्र्रतियां, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम, बाइक व नकदी मिली है। शफीक के पास से बरामद पत्र अलीगंज हनुमान मंदिर व मनकामेश्वर मंदिर को पोस्ट किया गया था।
पत्नी से चल रहा है तलाक का मुकदमा
प्रभारी निरीक्षक पन्ने लाल के मुताबिक, शफीक बीकेटी के भीखापुरवा के पहले खदरा इलाके के मक्का में रहता था। आज भी वहां उसकी पत्नी और दो बच्चे रहते हैं। पुलिस के मुताबिक, शकील और उसकी पत्नी के बीच तलाक का मुकदमा चल रहा है। फिलहाल शकील खदरा से बीकेटी आ गया था।
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