मंगलवार को दोपहर 12.35 पर एक बार फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के ये झटके पूरे उत्तर भारत में महसूस किए गए। लखनऊ सहित दिल्ली, राजस्थान, बिहार और कोलकाता में भी महसूस किए गए।
भू वैज्ञानिकों अनुसार इस भूकंप का केंद्र इस बार भी नेपाल रहा। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1 आंकी गई। भूकंप के तेज झटकों से लोग दहशत में आ गए।
लोग दफ्तरों और घरों से बाहर निकलकर आ गए। गौरतलब है कि इससे पहले 25 अप्रैल को बड़ा भूकंप आया था। इस भूंकप ने नेपाल में तबाही मचा दी थी।
नेपाल-चीन सीमा पर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट 19 सेकंड पर 7.3 की तीव्रता के भूकंप के झटके लखनऊ में नौ से दस सेकेंड तक रहे। मौसम विभाग के निदेशक ने यह जानकारी जिलाधिकारी राज शेखर को दी है। उन्होंने बताया कि झटके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.3 मापी गयी है।
इसका केंद्र नेपाल में जमीन के नीचे 18 किमी पर आंका गया। दूसरी ओर जिलाधिकारी ने साफ किया कि भूकंप के झटके के कारण अमौसी एयरपोर्ट को बंद नही किया गया है। सामान्य दिनों की तरह ही यहां उड़ानें जारी हैं। हालांकि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों को सजग रहने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन की तैयारी भी पूरी रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल के लोग अभी तक इस भूकंप से हुई तबाही से उभर नहीं पाए हैं। पिछले भूकंप में हजारों लोगों की जानें गई थी। 25 अप्रैल के बाद कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं।