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भूकंप नहीं पर आंधी-पानी से हो गईं 7 मौतें

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अवध में सोमवार देर रात आंधी-पानी के कहर से सात लोगों की मौत हो गई। बारिश व तेज हवा के कारण आम व सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
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गोंडा के कटरा बाजार में तेज आंधी के कारण दीवार गिरने से अब्दुल मजीद (55) की मौत हो गई। वहीं मनकापुर निवासी रामभूलन वर्मा (60) पर सोते समय पेड़ गिर गया जिसके नीचे दबकर उसकी जान चली गई। इसी इलाके में मिर्जापुर परसनपुरवा गांव निवासी जन्नतुलनिशा (40) की भी आंधी में गिरे पेड़ की चपेट में आकर मौत हो गई।

सीतापुर में तंबौर के अज्जेपुर गांव में जीने से उतरते समय वृद्धा हाशमी (60) व पास के ही गांव के जगमोहन (65) की मौत हो गई।

उधर, बाराबंकी के सफदरगंज के रायपुर में आंधी के कारण दीवार ढहने से चपेट में आकर गांव के विश्वनाथ रावत (53) की जान चली गई। जबकि पत्नी मालती व बेटा अरुण घायल हो गए। मसौली के दहेजिया में तेज हवा के बीच छत से उतरते समय सुधा यादव (65) की आंगन में गिरकर मौत हो गई।
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उधर कई जिलों में देर रात आए जबर्दस्त अंधड़ ने आम की अधपकी फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। आम के बागों में सुबह-सुबह टूटकर गिरे फलों के ढेर देखे गए। पहले से ही कुदरत की मार झेल रहे किसानों के लिए आखिरी सहारा जायद की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।

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भूकंप से दहशत, पर मौत नहीं

17 दिनों के भीतर फिर आए भूकंप के झटकों से मंगलवार को अवध क्षेत्र कांप उठा। हालांकि कहीं से भी जनहानि की खबर नहीं हैं। फिर भी लोगों के चेहरों पर दहशत साफ देखी जा सकती थी।

फैजाबाद में करीब 35 सेकंड तक कंपन महसूस हुआ। अयोध्या के हनुमान गढ़ी सिंह द्वार के पास पुरानी बिल्डिंग में हल्की दरार व बड़ी मुजहनियां में एक मकान की दीवार ढह गई।

प्रशासन को नहर बाग में एक पेट्रोल पंप में भूकंप के दौरान शार्ट-सर्किट की सूचना मिली, मगर पंप कर्मियों ने ही समय रहते आग पर काबू पा लिया।

सीतापुर में झटके इतने तेज थे कि दुकानों व विभिन्न कार्यालयों में काम कर रहे लोग व कर्मचारी बाहर आ गए। सभी के चेहरों पर 25 अप्रैल को आए भूकंप जैसा खौफ था। बाजार में भी अफरातफरी मच गई।

लहरपुर में एक मकान की दीवार ढह गई। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सुल्तानपुर में स्कूल-कॉलेज तुरंत बंद कर दिए गए।

वहीं धार्मिक स्थलों पर लोग पूजा-पाठ करते दिखे। रायबरेली में शहर व देहात क्षेत्रों में घरों और दुकानों को छोड़कर लोग बाहर की ओर भागे। यही नहीं, जिला अस्पताल में इलाज कराने आए रोगियों में भगदड़ मच गई।

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